पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस समेत सभी पार्टियां जमकर मेहनत कर रही हैं. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बड़ा बयान दे दिया. राहुल ने मंगलवार (28 अप्रैल) को दावा किया कि मोदी सरकार बुधवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान खत्म होने के बाद जनता पर महंगाई का बोझ डालेगी. हालांकि सरकार इस मामले पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुकी है.
राहुल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार! 29 अप्रैल के बाद देखिए- पेट्रोल, डीजल, सब महंगे होंगे. जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ने अपना मुनाफा रखा. अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी. सस्ते की लूट मचाती सरकार – जनता को बस महंगाई की मार.’
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने को लेकर सरकार ने क्या कहा
केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि बुधवार को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है. सरकार की ओर से यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है.
तेल की कीमत को लेकर क्यों शुरू हुई चर्चा
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में रिकॉर्ड चौथे साल भी कोई बदलाव नहीं हुआ है. पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण पिछले दो महीनों में कच्चा तेल 50 प्रतिशत से अधिक महंगा हो गया है.
लागत और बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर के कारण सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है. कुछ अनुमानों के अनुसार यह दैनिक नुकसान लगभग 2,400 करोड़ रुपये है. इसी कारण अटकलें लगाई जा रही थीं कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के बाद कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. हाईन्यूज़ !















