केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (10 मई 2026) को कहा कि भारत में हर दिन मां को समर्पित होता है. उन्होंने यह बात सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दो पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम में कही. इस कार्यक्रम में अमित शाह ने अपनी मां से जुड़ी भावुक यादें भी साझा कीं. उन्होंने बताया कि वह रोज अपनी मां के चरण छूते थे. मां के निधन के बाद भी वह हर दिन उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाते हैं.
अमित शाह ने कहा, ‘मैं हर दिन अपनी मां के चरणों को स्पर्श करता था और उनके निधन के बाद भी मैं हर दिन उनकी तस्वीर के सामने दीपक जलाता हूं. हमारे देश में हर दिन मां को समर्पित है.’ यह कार्यक्रम तुषार मेहता की दो किताबों ‘द बेंच, द बार एंड द बिजार’ और ‘द लॉफुल एंड द ऑफुल’ के विमोचन के लिए आयोजित किया गया था. अमित शाह ने इन पुस्तकों को मां को समर्पित करने और मदर्स डे पर लॉन्च करने के लिए तुषार मेहता की तारीफ की. गृह मंत्री ने कहा कि तुषार मेहता सिर्फ देश के सॉलिसिटर जनरल और एक अच्छे वकील ही नहीं हैं, बल्कि उनके करीबी मित्र भी हैं.
आजादी के बाद भारत की स्थिति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आजादी के बाद से भारत की बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है. उन्होंने कहा कि पिछले 76 वर्षों में भारत ने लोकतंत्र को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने का काम किया है और यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. अमित शाह ने कहा कि भारत में संसद और विधानसभाओं के जरिए कई बार सत्ता परिवर्तन हुए, कानून बदले गए और बड़े फैसले लिए गए, लेकिन यह सब बिना किसी हिंसा के हुआ. उन्होंने कहा, ‘1947 से आज तक इस देश में संसद और विधानसभाओं के माध्यम से जितने भी बदलाव हुए, उन्हें बिना एक बूंद खून बहाए स्वीकार किया गया. यह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है.’अमित शाह ने तुषार मेहता की पुस्तकों की तारीफ करते हुए कहा कि ये किताबें भविष्य में न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों को अच्छे तरीके से समझाती हैं. हाईन्यूज़ !















