कोलंबो टेस्ट में टीम इंडिया बहुत मजबूत स्थिति में है, लेकिन यशस्वी जायसवाल मुश्किल में फंस सकते हैं. मुकाबले के पहले दिन उनकी असिता फर्नांडो के साथ भिड़ंत हो गई थी. आईसीसी इस मामले में दोनों खिलाड़ियों को सजा सुना सकती है. इस मामले में जायसवाल एक क्रिकेट एक्सपर्ट पर भड़क भी चुके हैं. उनका कहना था कि जब किसी को अंदाना ना हो कि मैदान पर क्या हुआ, तो उन्हें किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचना चाहिए.
दावा किया जा रहा है कि किसी श्रीलंकाई खिलाड़ी ने कुछ कहा, जिसपर यशस्वी जायसवाल बुरी तरह भड़क गए थे. खैर किसी ने कुछ भी कहा हो, लेकिन मैदान पर किसी भी खिलाड़ी, अंपायर या मैच ऑफिशियल के साथ फिजिकल कॉन्टैक्ट में आने की सख्त मनाही होती है. मगर कोलंबो के मैदान पर भिड़ंत हुई, जिसके कारण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद दोनों खिलाड़ियों पर सख्त एक्शन ले सकता है.
ICC की आचार संहिता के क्लॉज 2.12 के तहत अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ के सदस्य, अंपायर, मैच रेफरी या अन्य किसी व्यक्ति के साथ बॉडी कॉन्टैक्ट करने की सख्त मनाही होती है. वहीं क्लोज 2.13 के तहत अभद्र भाषा या गाली-गलौज करने पर सजा मिल सकती है.
जायसवाल एर फर्नांडो को लेवल 1 या लेवल 2 का दोषी पाया जा सकता है. ऐसा होने पर उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता है या फिर मैच फीस में 50 फीसद तक कटौती की जा सकती है. इससे पहले जायसवाल और फर्नांडो किसी बड़े विवाद का हिस्सा नहीं रहे हैं, इसलिए सस्पेंशन जैसी कड़ी सजा ना सुनाई जाए, लेकिन उन्हें वॉर्निंग देकर छोड़ा जा सकता है.
इस पूरे विवाद पर भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने अपनी राय सामने रखते हुए कहा कि जायसवाल को फर्नांडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने जायसवाल के सपोर्ट में आकर यह भी कहा कि यह पूरा विवाद शायद श्रीलंकाई खिलाड़ी द्वारा कोई भड़काऊ कमेंट करने से शुरू हुआ था.
जायसवाल इस मुकाबले की पहली पारी में 53 गेंद में 45 रन बनाकर आउट हो गए थे. व्यक्तिगत तौर पर देखें तो जायसवाल पिछले 9 महीनों से टेस्ट में एक फिफ्टी का इंतजार कर रहे हैं. साल 2026 में उनके बल्ले से एक भी टेस्ट फिफ्टी नहीं आई है. हाईन्यूज़ !














