ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एरॉन विलियम समर्स को 15 साल की एक लड़की के साथ यौन शोषण करने के आरोप में 10 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. 30 वर्षीय समर्स ने पहले कोर्ट में बताया था कि वह बेगुनाह है. इसके बाद उन्होंने जून में तस्मानिया की सुप्रीम कोर्ट में अपना जुर्म कबूला था कि उन्होंने एक नाबालिग के साथ दो बार यौन शोषण किया था.
बुधवार को कोर्ट ने एरॉन समर्स को ढाई साल की जेल की सजा सुनाई. जिसमें से 10 महीने के बाद सजा को सस्पेंड कर दिया गया. यानी क्रिकेटर अप्रैल, 2028 में जेल से बाहर आ जाएगा. जस्टिस हेलेन वुड ने कोर्ट को बताया कि समर्स पीड़ित लड़की से 2017 में होबार्ट हरिकेंस के एक क्रिकेट मैच के दौरान मिला था.
2017 में कुछ दिनों बाद 15 साल की लड़की एक और मैच देखने गई थी, जहां समर्स और उसकी बातचीत शुरू हुई. उस समय क्रिकेटर की उम्र 21 साल थी. दोनों की सोशल मीडिया एप के जरिए बातचीत शुरू हुई, फिर क्रिकेटर ने प्लान करके उसके साथ बाहर जाने के प्लान किया. कोर्ट को बताया गया कि समर्स उसे एक स्कूल ले गया, जहां पर दो बार उसका यौन शोषण किया.
जस्टिस वुड ने कोर्ट को बताया कि क्रिकेटर को पता था कि लड़की की उम्र 17 साल से कम है और वह अभी स्कूल में पढ़ती है, लेकिन कभी उसकी उम्र पूछी नहीं. मीडिया रिपोर्ट में जस्टिस वुड के हवाले से बताया गया, “लड़की को लगा कि सिर्फ बातचीत के लिए बुलाया गया है. अपनी उम्र और नादानी की वजह से वह कमज़ोर स्थिति में थी. क्रिकेटर ने उससे छुपाया कि वह क्यों मिल रहे हैं.”
जस्टिस वुड्स ने कहा, “हम प्लेयर्स को सम्मान की नजर से देखते हैं. युवा अक्सर उन्हें पसंद करते हैं और उनके बारे में सकारात्मक सोच रखते हैं. एक प्लेयर होने के नाते उनका युवाओं से संपर्क था और इसी वजह से वे अपने अपराध कर पाए. यह अपराध की गंभीरता को बढ़ाने वाला एक कारक है.” हाईन्यूज़ !














