साउथ के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज ने दावा किया है कि बेंगलुरु की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह सब SIR प्रक्रिया के बाद हुआ है. प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वह अपना वोटिंग अधिकार वापस पाने के लिए जरूरी दस्तावेज दिखाएंगे. इस बीच बेंगलुरु प्रशासन ने प्रकाश राज के घर चुनाव आयोग की टीम के दौरे का एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में पड़ोस में रहने वाली एक महिला यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि प्रकाश राज करीब चार साल से उस पते पर नहीं रह रहे हैं, जो उनके वोटर ID कार्ड में दर्ज है.
प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया. उन्होंने इसे लेकर तंज भी कसा. अभिनेता ने कहा कि वह बेंगलुरु में पैदा हुए हैं. उन्होंने इसी शहर में पढ़ाई की और थिएटर भी किया. ऐसे में उनके वोटिंग अधिकार को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उनके लिए हैरान करने वाली बात है. प्रकाश राज ने कहा कि अब वह देखेंगे कि अपना वोटर आईडी वापस पाने के लिए उन्हें कौन-कौन से दस्तावेज देने पड़ेंगे. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि यह खेल जारी है.
वोट का अधिकार छीन सकते हैं-प्रकाश राज
प्रकाश राज ने अपने पोस्ट में सरकार और व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है, लेकिन लोगों की राजनीतिक सोच को नहीं बदला जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति को वोट देने से रोका जा सकता है तो क्या सत्ता में बैठे लोगों को सत्ता से हटने से भी रोका जा सकता है. अभिनेता ने अपने पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि वह इस मामले को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं.
प्रशासन ने जारी किया घर के दौरे का वीडियो
इस पूरे मामले के बीच बेंगलुरु प्रशासन ने चुनाव आयोग की टीम के प्रकाश राज के घर पहुंचने का वीडियो जारी किया है. वीडियो में पड़ोस में रहने वाली महिला कथित तौर पर बता रही है कि प्रकाश राज लंबे समय से उस पते पर नहीं रह रहे हैं. यही बात अब वोटर लिस्ट में उनके नाम को लेकर चल रहे विवाद का अहम हिस्सा बन गई है. हालांकि, प्रकाश राज की ओर से इस दावे पर सवाल उठाए गए हैं.
प्रकाश राज पर पहले भी सामने आ चुका है वोटर आईडी विवाद
प्रकाश राज का नाम इससे पहले भी वोटर आईडी से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है. जून 2026 में बेंगलुरु की एक अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. यह मामला 2019 में दर्ज शिकायत से जुड़ा है. शिकायतकर्ता वकील दिलीप कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रकाश राज के पास अलग-अलग राज्यों के कई वोटर आईडी कार्ड हैं. उन्होंने इसे चुनाव से जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया था. शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस और चुनाव आयोग से संपर्क करने के बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अदालत का रुख किया. हाईन्यूज़ !














