लद्दाख में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उप-राज्यपाल ने 17 नई तहसीलों के गठन को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद लद्दाख में तहसीलों की कुल संख्या 15 से बढ़कर 32 हो गई है. यह फैसला साल 2019 में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में किए गए सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक माना जा रहा है. इससे पहले भी प्रशासन ने हाल ही में शाम, नुब्रा, चांगथांग, ज़ंस्कार और द्रास नाम से पांच नए जिलों का गठन किया था.
लद्दाख के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि 17 नई तहसीलों के गठन को मंजूरी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रशासन को मजबूत करना और सरकारी व्यवस्था को आम लोगों के और करीब पहुंचाना है.
लद्दाख प्रशासन ने क्यों लिया फैसला?
लद्दाख प्रशासन के अनुसार, नई तहसीलों के गठन का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि भौगोलिक और प्रशासनिक स्तर पर मौजूद कई तरह की उलझनों को दूर किया जा सके. नए जिलों के गठन के बाद कुछ क्षेत्रों में अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं को लेकर समस्याएं सामने आ रही थीं. अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर राजस्व गांव केवल एक ही तहसील के अंतर्गत आए और हर तहसील सिर्फ एक ही जिले से जुड़ी हो. प्रशासन का मानना है कि इससे सरकारी कामकाज में स्पष्टता आएगी और लोगों को सेवाएं प्राप्त करने में आसानी होगी. साथ ही प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा भी हो सकेगा.
लेह जिले में 5 तहसीलें होंगी
नए प्रशासनिक ढांचे के अनुसार लेह जिले में कुल 5 तहसीलें होंगी. करगिल जिले में सात तहसीलें रहेंगी. चांगथांग जिले में चार तहसीलें बनाई जाएंगी. नुब्रा जिले में छह तहसीलें होंगी. ज़ंस्कार में चार तहसीलें रहेंगी. शाम जिले में पांच तहसीलें बनाई जाएंगी, जबकि द्रास जिले में एक तहसील होगी. उप-राज्यपाल ने कहा कि यह नया ढांचा सरकारी सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने में मदद करेगा. इससे विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा और दूर-दराज़ तथा सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी सरकारी सुविधाएं आसानी से पहुंच सकेंगी. उन्होंने कहा कि लद्दाख के कई क्षेत्र भौगोलिक रूप से काफी दूर और कठिन परिस्थितियों वाले हैं. ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. नई तहसीलों के गठन से इन समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी.
उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का फैसला
उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और समृद्ध लद्दाख के विजन के अनुरूप है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद से प्रशासन लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिनसे क्षेत्र का संतुलित विकास हो और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं मिल सकें. प्रशासन का मानना है कि नई तहसीलों के गठन से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी, सरकारी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और लोगों को अपने क्षेत्र में ही कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी. इससे लद्दाख के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. हाईन्यूज़ !














