ED ने TMC के बैंक खातों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी के 3 खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी है. इस कार्रवाई के बाद TMC ने तीखा रिएक्शन दिया है. पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने इस कदम को लेकर सवाल उठाते हुए मंदिर फंड की जांच का मुद्दा भी सामने रखा है. डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ED ने TMC के तीन HDFC बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. उन्होंने सवाल किया कि आखिर मंदिर फंड को कब फ्रीज किया जाएगा. हालांकि उन्होंने अपने बयान में किसी विशेष मंदिर का नाम नहीं लिया.
ED के अनुसार, कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय ने एविऐशन क्षेत्र से जुड़ी केयरवेल समूह की कंपनियों के कोलकाता और आसपास स्थित 5 ठिकानों पर छापेमारी की थी. यह कार्रवाई बिधाननगर साइबर थाने में दर्ज एक FIR के आधार पर की गई. FIR में कथित रूप से संदिग्ध लेनदेन, गलत ढंग से पैसे जमा करना और TMC के कुछ बैंक खातों की मदद से पैसे ट्रांसफर करने के आरोप लगाए गए थे. जांच के दौरान ED ने पार्टी के तीन खातों में मौजूद 440.42 करोड़ रुपये की राशि पर रोक लगा दी.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने किया हस्तक्षेप
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए पार्टी के डेली खर्चो के काम के लिए एक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है. जज सौगत भट्टाचार्य ने हाईकोर्ट के रिटायर जज सुब्रत तालुकदार को 30 सितंबर 2026 तक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है. कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि खातों से केवल पार्टी के नियमित और जरूरी खर्चों के लिए ही पैसे निकाली जा सकेगी. स्पेशल ऑफिसर को खर्च का पूरा डिटेल कोर्ट के सामने पेश करना होगा. यह मामला तब शुरू हुआ जब तृणमूल कांग्रेस के विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट ने 18 जून को बिधाननगर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा धन अपराध से अर्जित रकम हो सकती है. इसके बाद पुलिस और ED ने जांच शुरू की.
डेरेक ओ’ब्रायन का बयान
डेरेक ओ’ब्रायन का बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच भी चर्चा में है. जून के पहले सप्ताह में दान की गिनती में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए थे. इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. जांच के दौरान प्रारंभिक स्तर पर गबन के संकेत मिलने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कार्रवाई तेज हुई और इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था. हाईन्यूज़ !














