उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक कथित वायरल पत्र को लेकर हलचल तेज हो गई है. यह पत्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और गदरपुर से विधायक अरविंद पांडेय के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस पत्र ने न सिर्फ सियासी माहौल गर्म कर दिया है, बल्कि पार्टी नेतृत्व को भी सक्रिय होने पर मजबूर कर दिया है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विधायक अरविंद पांडेय से बातचीत की है. पार्टी ने स्पष्ट तौर पर विधायक से यह जानना चाहा है कि वायरल हो रहा पत्र उनका है या नहीं. यदि यह पत्र उनका नहीं है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने आकर इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी.
यह भी पढ़ें: बंगाल नतीजों के बाद UP 2027 की राह अब आसान नहीं? अखिलेश यादव की सपा को इन 8 मोर्चों पर करना होगा काम?
कांग्रेस ने प्रमुखता से मुद्दा उठाया
दरअसल, इस पूरे मामले को कांग्रेस ने प्रमुखता से उठाया है. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि यह पत्र विधायक पांडेय द्वारा लिखा गया है, जिसमें कुछ ऐसे मुद्दों का उल्लेख है जो राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जा रहे हैं. इसी कारण यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है और भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है.
भाजपा के भीतर बढ़ी बेचैनी
भाजपा के भीतर भी इस मामले को लेकर चिंता देखी जा रही है. पार्टी नहीं चाहती कि बिना स्पष्टता के यह विवाद और गहराए, जिससे संगठन की छवि पर असर पड़े. यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए विधायक से जवाब तलब किया है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने पांडेय को मीडिया के सामने आकर स्थिति साफ करने की सलाह दी है, ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो सके.
अरविन्द पांडेय ने किया इंकार
बताया जा रहा है कि विधायक अरविंद पांडेय ने इस पत्र को अपना मानने से इनकार किया है और इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है. हालांकि, अभी तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है. यही कारण है कि सियासी गलियारों में अटकलों का दौर जारी है और विपक्ष लगातार इस मुद्दे को हवा दे रहा है.
इस बीच, मीडिया द्वारा भी विधायक का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उनका आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका है. ऐसे में यह मामला फिलहाल अधर में लटका हुआ है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विधायक कब और कैसे इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं.
कुल मिलाकर, एक वायरल पत्र ने भाजपा और उसके विधायक को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है. अब देखना होगा कि इस विवाद का अंत कैसे होता है और क्या विधायक पांडेय सार्वजनिक रूप से सामने आकर इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हैं या नहीं.
यह भी पढ़ें: ‘अब केवल अंतहीन इंतजार’ पश्चिम बंगाल में BJP, तमिलनाडु में TVK की जीत पर केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर कसा तंज















