मध्य प्रदेश पुलिस के साहस और समर्पण की एक ऐसी मिसाल सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश का दिल जीत लिया है. छिंदवाड़ा के सिमरिया के पास हुए बस हादसे में PTS रीवा के जवानों ने बिना जूते पहने कांच के टुकड़ों पर दौड़कर घायलों को बचाया और पलटी हुई बस को हाथों के जोर से उठाकर उसके नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला. इस जांबाजी के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 113 पुलिसकर्मियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है.
ड्यूटी से लौट रहे थे, देखते ही बिना जूते के दौड़ पड़े
पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला पाण्डुर्णा और छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री के भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात PTS रीवा का बल वापस लौट रहा था, तभी सिमरिया के पास बड़ा बस हादसा हो गया. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लाभार्थियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई और ठीक उसके पीछे PTS रीवा का वाहन चल रहा था.
जैसे ही जवानों ने हादसा देखा वे बिना एक पल गंवाए जिस हालत में बैठे थे यानी बिना जूते पहने उसी स्थिति में बस की ओर दौड़ पड़े. सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़ों और पत्थरों की परवाह किए बिना जवानों ने त्वरित राहत कार्य शुरू कर दिया.
हाथों से 3 फीट उठाई बस, 40 लोगों की बची जान
घटनास्थल पर मौजूद जवानों ने न केवल डायल-112 को सूचित किया बल्कि पूरे बल ने मिलकर पलटी हुई बस को अपने हाथों के जोर से करीब 3 फीट तक ऊपर उठाया और सीधा किया. बस के नीचे दबे हुए लोगों को बाहर निकालकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस की इस तत्परता और जांबाजी के कारण करीब 40 लोगों का जीवन सुरक्षित बच सका.
CM ने की सराहना, 113 जवानों को मिलेगा नकद पुरस्कार
पुलिसकर्मियों के इस साहसी कार्य की स्वयं मुख्यमंत्री और आम जनमानस ने सराहना की है. विभाग ने 113 अधिकारियों और कर्मचारियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने का आदेश जारी किया है. इन जांबाजों ने साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ अनुशासन नहीं बल्कि संकट में फंसे नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सहारा है. हाईन्यूज़ !















