कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने शुक्रवार (20 फरवरी) उपनेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. वो अटेर सीट से विधायक हैं. उनके इस्तीफे से एमपी कांग्रेस में हड़कंप मच गया है. एमपी कांग्रेस ने एक बयान में बताया कि कटारे ने इस्तीफा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार को सौंपा है.
क्यों दिया इस्तीफा?
इस संबंध में संगठन महासचिव डॉ संजय कामले ने जानकारी देते हुए कहा कि हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफे में पारिवारिक दायित्वों एवं समय की कमी का उल्लेख किया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में वे अपने विधानसभा क्षेत्र को अपेक्षित समय और ध्यान नहीं दे पा रहे थे, इसी कारण उन्होंने उप नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र दिया है.
वे कांग्रेस के साथ थे, हैं और रहेंगे- कामले
कामले ने यह भी स्पष्ट किया कि हेमंत कटारे का यह इस्तीफा केवल पद से संबंधित है, न कि पार्टी की सदस्यता से. वे कांग्रेस पार्टी के साथ थे, हैं और आगे भी पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ रहेंगे.
अंतिम फैसला नेतृत्व पर निर्भर- कामले
इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि हेमंत कटारे के उपनेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा स्वीकार किया जाए या नहीं, इसका अंतिम निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तू पटवारी एवं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के विवेकाधिकार पर निर्भर है.
आज कटारे की शादी की सालगिरह
हेमंत कटारे की आज शादी की सालगिरह भी है. उन्होंने आज ही इस्तीफा दे दिया. उनके समर्थक सालगिरह की बधाई दे रहे हैं. 2018 में हेमंत कटारे पर रेप के आरोप लग चुके हैं. बाद में पीड़िता ने अपना बयान बदल लिया. 2019 में छात्रा ने सुसाइड कर लिया. दिसंबर 2024 में हाई कोर्ट ने हेमंत कटारे का राहत दी. हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश की सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. हाईन्यूज़ !














