मध्यप्रदेश के जबलपुर में रविवार की शाम नेशनल हाईवे 45 पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज अचानक भरभरा कर गिर गया. इस हादसे के बाद जबलपुर और राजधानी भोपाल को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है. गनीमत ये रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ. सूचना अपर पहुंची पुलिस ने दोनों तरफ पहुंचकर ट्रैफिक रोका. इस हादसे के बाद निर्माणदायी संस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
भोपाल-जबलपुर को जोड़ने वाले पुल के महज चार साल के भीतर टूटने की जांच के आदेश दिए हैं. वहीँ सवाल अब व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भी हो रहे हैं कि आखिर एक पुल चार साल भी नहीं चल पा रहा ? माना जा रहा है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है.
घटिया निर्माण की भेंट चढ़ा ब्रिज
महज 4 साल पहले बनकर तैयार हुआ यह ब्रिज भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता की ओर इशारा कर रहा है. स्थानीय लोग लंबे समय से इसके निर्माण कार्य पर सवाल उठा रहे थे. बता दें कि ब्रिज का एक हिस्सा पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त था, और उस क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधार कार्य भी ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा था. जिसके कारण केवल एक ही तरफ से ट्रैफिक निकाला जा रहा था. लेकिन रविवार की शाम पुल का दूसरा हिस्सा भी गिर जाने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया.
यातायात हुआ प्रभावित- ट्रैफिक डायवर्ट
नेशनल हाईवे 45 बंद होने की वजह से शहपुरा शहर के अंदर से ट्रैफिक को डाइवर्ट किया गया है. जिसकी वजह से जबलपुर से भोपाल जाने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है. पुलिस ने ट्रैफिक को लेकर अतिरिक्त फ़ोर्स का इंतजाम किया है.
MPRDCकी लापरवाही हुई उजागर
बता दें कि इस ब्रिज के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) की थी. इसके पहले नवंबर में ब्रिज का एक हिस्सा झुक गया था, तब भी MPRDC के अधिकारियों ने ठेकेदार से निर्माण कराए जाने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था. लेकिन समय रहते मरम्मत न होने के कारण अब दूसरा बड़ा हादसा हो गया. गनीमत ये रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई. उधर घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे देर रात तक मलबा हटाने की कोशिशें की जाती रहीं. हाईन्यूज़ !














