रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जिला कारागार लखनऊ में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंच रहीं बहनों के लिए जेल प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए. जेल के बाहर हेल्प डेस्क बनाई गई, जहां दूर-दराज से आने वाली बहनों और अन्य मुलाकातियों की समस्याओं का समाधान किया गया. प्रशासन का उद्देश्य रहा कि त्योहार के दिन किसी भी बहन को अपने भाई से मिलने या राखी बांधने में परेशानी न हो.
रक्षाबंधन को देखते हुए जेल प्रशासन ने मुख्य प्रवेश क्षेत्र के पास हेल्प डेस्क बनाया था, जहां तैनात कर्मचारी बाहर से आने वाली महिलाओं और अन्य मुलाकातियों को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे थे. मुलाकात की प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने का प्रयास किया गया. जेल प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और सुरक्षा के साथ मुलाकात कराने पर विशेष ध्यान दिया. इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौके की व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे.
पानी, मिठाई और कोल्ड ड्रिंक का इंतजाम
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनों के जेल पहुंचने को देखते हुए उनके लिए पानी, मिष्ठान और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की गई है. लंबे समय तक इंतजार करने वाले मुलाकातियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जेल परिसर के बाहर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं. इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी किसी आकस्मिक समस्या से निपटने के लिए मेडिकल डेस्क भी बनाई गई थी.
मेडिकल डेस्क पर प्राथमिक उपचार
जेल प्रशासन की ओर से बनाई गई मेडिकल डेस्क पर जरूरत पड़ने पर मुलाकातियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया. किसी महिला या अन्य व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता देने की व्यवस्था की गई थी. इस पहल का मकसद रक्षाबंधन के दौरान जेल के बाहर जुटने वाली भीड़ के बीच लोगों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना था.
राखी नहीं लाई तो भी भाई की कलाई सूनी नहीं रही
जेल प्रशासन की खास पहल यह रही कि जिन बहनों के पास राखी, रोली, अक्षत या मिठाई नहीं थी, उन्हें इन चीजों की व्यवस्था भी कारागार प्रशासन की ओर से कराई गई थी. ऐसे में बाहर से आने वाली बहनों को सामान की कमी के कारण अपने भाइयों को राखी बांधने से वंचित नहीं होना पड़ा. जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक आरके जायसवाल, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी और अन्य कारागार कर्मी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे. हाईन्यूज़ !














