नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से तांडव मचाया है. प्रलय को देखकर लोगों की रूह कांप रही है. इस बाढ़ से गांव के गांव, सड़के, पुल सभी बह गए हैं. इस आपदा में 160 लोगों की मौत हो चुकी है और 700 से ज्यादा लोग लापता हैं. इस मुश्किल समय में भारत ने अपने पड़ोसी देश नेपाल का हाथ थामा है. वायुसेना मदद के लिए आगे आई है और विमान राहत जरुरी सामान लेकर नेपाल रवाना भी हो चुके हैं. वायुसेना के ये विमान नेपाल के लिए किसी देवदूत से कम नहीं हैं.
भारतीय वायुसेना के तीन सबसे ताकतवर और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130J , C-17 और C-130 तैयार हैं. C-130J विमान 10 टन जरुरी राहत सामग्री और दवाइयां लेकर नेपाल के लिए रवाना हो चुका है.
हेलिकॉप्टर भी हैं तैयार
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अब C-17 और C-130 को भेजा जाएगा. इस विमान के जरिए राहत सामग्री भेजी जाएगी. साथ ही लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के काम के लिए हेलिकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं. ये तीनों बहुत ताकतवर हैं. दुर्गम पहाड़ियों और बिना रनवे वाले इलाके में राहत पहुंचाने में ये मदद करते हैं.
C-130J सुपर हरक्यूलिस
भारतीय वायुसेना का ये विमान नेपाल की संकरी घाटियों और दुर्गम इलाकों में उतरने के लिए एकदम ठीक है. इसकी रेंज- 3800 किमी, स्पीड- 670 किमी/घंटा, पेलोड क्षमता- 19टन है. इसकी खासियत ये है कि उबड़-खाबड़ और बिना लाइट वाले नाइट विजन रनवे पर भी सुरक्षित उतरने की क्षमता देती है.
C-17 ग्लोबमास्टर
भारी भरकम राहत सामग्री और अर्थमूविंग मशीनों को ले जाने के लिए ये भारत का सबसे बड़ा अस्त्र है. इसकी पेलोड क्षमता 77.5 टन है. इसकी रेंज की बात करें तो फुल लोड के साथ 4482 किमी और बिना लोड के 10,000 किमी से अधिक है. स्पीड 830 किमी/घंटा है. खासियत की बात करें तो बिना पक्के रनवे और कच्ची हवाई पट्टियों पर आसानी से लैंड और टेकऑफ कर सकता है. हाईन्यूज़ !














