अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (26 जून 2026) को ईरान पर सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल शिप पर 25 जून को हुए मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये बयान दिया है. ट्रंप के अनुसार ईरान की ओर से हमला किया, जबकि अमेरिकी सेना ने तीन अन्य ड्रोन को रोक दिया.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, ‘ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे. इनमें से एक ड्रोन सीधे जाकर महंगे कमर्शियल शिप के ऊपरी हिस्से से टकराया. हमले से जहाज को नुकसान तो पहुंचा है, लेकिन वह आगे बढ़ने में कामयाब रहा. बाकी के तीन ड्रोन को अमेरिकी सेना ने हवा में ही मार गिराया.’ ट्रंप ने इसे सीजफायर समझौते का एक मूर्खतापूर्ण उल्लंघन करार दिया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने होर्मुज के रास्ते में फंसे जहाजों और नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के अपने काम को रोका हुआ है. वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने जहाज पर हमला किया. यह हमला ईरान की उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुआ, जिसमें उसने कहा था कि अगर जहाजों ने उसके तय किए रास्तों का पालन नहीं किया तो उन पर कार्रवाई हो सकती है.
ब्रिटिश नौसेना की एजेंसी (UKMTO) के मुताबिक, ओमान के तट के पास जहाज पर मिसाइल या ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले में जहाज के कंट्रोल रूम वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह है कि कोई भी घायल नहीं हुआ। बाद में सूत्रों ने इस जहाज की पहचान ‘एवर लवली’ (Ever Lovely) के रूप में की, जिस पर सिंगापुर का झंडा लगा हुआ था. हाईन्यूज़ !















