देश में मानसून को लेकर जो हालत बनी है, वह अब सीधे तौर पर एक रिकॉर्ड की तरफ बढ़ रही है. मौसम विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि अगर अगले पांच दिनों में बारिश ने रफ्तार नहीं पकड़ी तो जून 2026 इस पूरी सदी का सबसे सूखा जून बन सकता है. यह सिर्फ एक अंदेशा नहीं है बल्कि अभी तक के आंकड़े इसी दिशा में इशारा कर रहे हैं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक चार जून से 22 जून के बीच देश में सिर्फ 52.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर 97.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी यानी अब तक 46 प्रतिशत बारिश की कमी है. महीने में अब सिर्फ कुछ दिन बचे हैं और इतनी बड़ी कमी को पूरा करना लगभग नामुमकिन जैसा दिख रहा है.
महाराष्ट्र-गुजरात में बारिश की उम्मीद
राहत की एक खबर यह है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून की नमी पहुंचने लगी है. गुजरात के सूरत वाले इलाके में भी हवाओं के साथ नमी फैल रही है. अरब सागर की तरफ से मानसून फिर ताकत पकड़ रहा है. इसी वजह से अगले चौबीस से 48 घंटों में महाराष्ट्र गुजरात और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन सवाल यह है कि यह बारिश कितनी असरदार होगी. मौसम के जानकारों का कहना है कि सिर्फ हल्की या बीच बीच में होने वाली बारिश से इतना बड़ा घाटा पूरा नहीं होगा.
अगर अगले पांच दिनों तक लगातार और अच्छी बारिश नहीं हुई तो महीने के आखिर तक यह कमी और गहरी हो जाएगी और जून 2026 रिकॉर्ड बुक में सबसे सूखे महीने के तौर पर दर्ज हो सकता है. राज्यों के हिसाब से देखें तो हालत पहले से ही चिंता बढ़ाने वाली है. मध्य प्रदेश में 58 प्रतिशत बारिश की कमी है. महाराष्ट्र में 85 प्रतिशत और गुजरात में 84 प्रतिशत तक बारिश कम हुई है. छत्तीसगढ़ और झारखंड दोनों में 71 प्रतिशत की कमी है, जबकि मेघालय में यह आंकड़ा 81 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इन राज्यों में अगर अगले कुछ दिन भी सूखे निकल गए तो हालत और बिगड़ सकती है.
सैटेलाइट तस्वीरों से क्या पता चला?
मौसम विभाग की 22 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में इसकी वजह भी साफ दिखती है. पिछले कई दिनों से बादलों की गतिविधि बंगाल की खाड़ी पूर्वी भारत और हिमालय के इलाकों तक सीमित रही है जबकि मध्य और पश्चिमी भारत का बड़ा हिस्सा साफ आसमान के साथ सूखा ही रहा, जब तक यह पैटर्न पूरी तरह नहीं बदलता तब तक बारिश की कमी का पूरा हो पाना मुश्किल है.
इस सूखे का असर खेती पर साफ दिखने लगा है. बुआई का काम पिछड़ गया है गर्मी बढ़ गई है और कई राज्यों में पानी की उपलब्धता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. मध्य प्रदेश महाराष्ट्र गुजरात और छत्तीसगढ़ के किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं जिससे खरीफ की बुआई बड़े पैमाने पर शुरू हो सके. अगले पांच दिन सिर्फ मौसम के लिए नहीं बल्कि पूरे सीजन के लिए बहुत अहम हैं.
अगर इस दौरान बारिश ने ठीक से रफ्तार पकड़ ली तो कुछ राहत मिल सकती है लेकिन अगर यह दौर भी सूखा निकल गया तो जून 2026 का नाम इस सदी के सबसे सूखे महीने के तौर पर पक्का हो जाएगा. हाईन्यूज़ !















