मानव तस्करी रैकेट से जुड़े एक आरोपी 42 वर्षीय योगानंद पुजारी को मुंबई क्राइम ब्रांच ने रविवार को भारत पहुंचने के बाद गिरफ्तार कर लिया. ये आरोपी कर्नाटक का निवासी है. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की यूनिट-8 ने आरोपी योगानंद पुजारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
मुंबई पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी साल 2019 से फरार चल रहा था. उस पर फर्जी एयर टिकट और वीजा के जरिए जाली दस्तावेजों की मदद से लोगों को दुबई भेजने का आरोप है. करीब सात साल तक उसका पता नहीं चलने के बाद उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था.
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क्या है मामला?
पुलिस के अनुसार, ये मामला अगस्त 2019 का है. उस समय मुंबई से दुबई जाने की तैयारी कर रही महिला यात्री सिमरन तुलस्यान को इमिग्रेशन जांच के दौरान रोका गया था. अधिकारियों को जांच में पता चला कि उसके पास मौजूद दुबई से मुंबई वापसी का एयर टिकट एयरलाइन के रिजर्वेशन सिस्टम में है ही नहीं, जिसके बाद टिकट के फर्जी होने का संदेह हुआ.
कैसे सामने आया योगानंद पुजारी का कनेक्शन?
इस मामले में पुलिस ने पहले मोहम्मद फिरोज राशिद सैयद उर्फ आश खान को गिरफ्तार किया था. पुलिस का आरोप है कि पूछताछ में खान ने योगानंद पुजारी की संलिप्तता का खुलासा किया था. उसके मुताबिक, पुजारी फर्जी वीजा और एयर टिकट तैयार कर उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए भेजता था.
पुलिस को अब संदेह है कि पुजारी ने इसी तरह की व्यवस्था के जरिए कम से कम चार अन्य महिलाओं, जिनके नाम किशी, मोना, ममता और श्रेया है, उन्हें विदेश भेजने में भी मदद की थी. इन महिलाओं के नाम पुलिस की रिमांड रिपोर्ट में दर्ज हैं. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और विदेश भेजी गई महिलाओं के संबंध में जानकारी जुटा रही है. हाईन्यूज़ !














