भारत और श्रीलंका का पहला टेस्ट मैच गॉल में खेला जा रहा है. देवदत्त पडिक्कल अब तक पहली पारी में टीम इंडिया के हीरो रहे हैं, जो अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगा चुके हैं. पडिक्कल ने खुद बताया कि सब्र के साथ चुपचाप प्लेइंग इलेवन में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. जैसे ही मौका मिला उन्होंने सेंचुरी जड़ दी. इससे पहले वॉर्मअप मुकाबले में भी पडिक्कल ने शतक लगाया था.
देवदत्त पडिक्कल नंबर-3 पर बैटिंग कर रहे हैं और इस पोजीशन के लिए उन्होंने अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है. बताते चलें कि टीम इंडिया को अभी WTC 2025-27 चक्र में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ भी टेस्ट सीरीज खेलनी है. उन शृंखलाओं में पडिक्कल जैसा इन-फॉर्म बल्लेबाज भारत को फाइनल तक ले जाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
इस खिलाड़ी का करियर खतरे में
दरअसल श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले 2 ऐसे खिलाड़ी चोटिल हो गए थे, जो भारतीय टेस्ट टीम का नियमित हिस्सा बने रहे हैं. इन्हीं में एक नाम साई सुदर्शन का भी है. उन्हें इंडिया ए के श्रीलंका दौरे के दौरान अंगूठे में चोट आई थी, इसी वजह से उन्हें टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा.
वैसे तो सरफराज खान को साई सुदर्शन का रिप्लेसमेंट घोषित किया गया था, लेकिन सरफराज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. वहीं सुदर्शन की जगह नंबर-3 पर देवदत्त पडिक्कल को चांस मिला, जो वॉर्मअप मुकाबले में श्रीलंका XI के खिलाफ 142 रनों की शतकीय पारी खेलकर आ रहे थे. अगर अगली सीरीज में सुदर्शन वापस आते हैं तो पडिक्कल की ऐसी फॉर्म देखते हुए उन्हें ड्रॉप करना सेलेक्टर्स के लिए बड़ा सिर दर्द बन जाएगा.
साई सुदर्शन ने किया है निराश
साई सुदर्शन के नंबर-3 पर आंकड़े बहुत कमाल के नहीं रहे हैं. अब तक खेले 7 टेस्ट मैचों में उन्होंने 31.92 के औसत से 383 रन बनाए हैं. उन्होंने अब तक करियर में एक भी शतक नहीं लगाया है, जबकि पडिक्कल ने करियर की चौथी ही पारी में शतक जड़ दिया है. सुदर्शन की पिछली 5 पारियों को देखें तो उनमें 2 अर्धशतक जरूर आए हैं, लेकिन पडिक्कल का जो नंबर-3 पर शतक आया है, वह सुदर्शन के भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं.
यह अच्छी बात है कि नंबर-3 की बैटिंग पोजीशन के लिए एक और बढ़िया और बेहतर विकल्प सामने आया है. यह देखना दिलचस्प होगा कि अगली टेस्ट सीरीज में सुदर्शन और पडिक्कल में से किसका चयन होता है. हाईन्यूज़ !














