जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शिक्षा, संस्कृति को बढ़ावा देने में कश्मीरी पंडितों के योगदान को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी की भलाई का सबसे ताकतवर जरिया है. बच्चों को ज्ञान और शिक्षा से मजबूत बनाना सबसे अच्छा तोहफा साबित होगा, जो हम उन्हें दे सकते हैं. लेफ्टिनेंट गवर्नर ने रविवार (16 अगस्त) को ‘कश्मीरी पंडित वॉलंटियर्स, एक मानवीय संगठन’ के स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की और समाज के लिए उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए इसके वॉलंटियर्स को सम्मानित किया.
अपने भाषण में लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने जरूरतमंदों की सेवा करने और दया, कर्तव्य और मानवता के मूल्यों को बनाए रखने में संगठन के साढ़े छह साल के अथक काम की तारीफ की. उन्होंने कहा, “ दुनिया भर में बसे कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ-साथ भारतीय प्रवासियों की क्षमता का इस्तेमाल करने की तुरंत जरूरत है, ताकि दया और सेवा को बढ़ाया जा सके और यह पक्का किया जा सके कि पैसे की तंगी अलग-अलग कोशिशों में रुकावट न बने,”
‘शिक्षा-संस्कृति को बढ़ाने में कश्मीरी पंडितों का अहम योगदान’
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने यह भी कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने देश बनाने, शिक्षा, सोच और संस्कृति को बढ़ावा देने में अनोखा योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि पुराने समय से लेकर आज के जमाने तक, कश्मीरी पंडितों ने हमेशा से ही समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है. कश्मीरी पंडित समुदाय के विद्वानों, संतों और नेताओं ने देश की बौद्धिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है.
‘कश्मीरी पंडित वालंटियर्स को महान हस्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए’
एलजी मनोज सिन्हा ने आगे कहा, “कश्मीरी पंडित वालंटियर्स को इन महान हस्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और खुद को सेवा के काम में लगाना चाहिए. आपका मकसद मिलकर एक ऐसा भविष्य बनाना होना चाहिए जो आपके शानदार अतीत जैसा ही हो. आपने सेवा की लौ जलाई है. अब इस लौ को आगे बढ़ाना पूरे समुदाय की जिम्मेदारी है.”
हर भूखे बच्चे को खाना मिले, उसे अच्छी शिक्षा मिले- मनोज सिन्हा
उपराज्यपाल ने कहा, ‘आइए आज हम संकल्प लें कि हम कभी भी करुणा की भावना को कम नहीं होने देंगे. हम प्रतिज्ञा करें कि हर भूखे बच्चे को खाना मिले, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, हर युवा को रोजगार मिले, हर बीमार व्यक्ति को दवा मिले और संघर्ष कर रहे हर परिवार को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का मौका मिले.”
‘बिना किसी इनाम की उम्मीद के कर्तव्य निभाना सच्ची सेवा’
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने इस बात पर भी जोर दिया कि सच्ची सेवा बिना किसी इनाम की उम्मीद के अपना कर्तव्य निभाने में है. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित वॉलंटियर्स इस भावना की मिसाल हैं, जिन्होंने कभी नाम या दौलत नहीं चाही, बल्कि सेवा को एक पवित्र कर्तव्य के रूप में अपनाया. लेफ्टिनेंट गवर्नर ने याद किया कि कैसे अप्रैल 2020 में, COVID-19 महामारी के चरम पर था और संस्था की शुरुआत हुई थी, जब स्वामी नंद बाब साहिब के जम्मू आश्रम द्वारा दान किए गए चावल के एक बैग ने निस्वार्थ सेवा क्रांति का बीज बोया था.
‘आपने दूसरों की भलाई को अपना गाइडिंग प्रिंसिपल बनाया’
उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित वॉलंटियर्स तब से पूरे जम्मू कश्मीर में मानवीय सेवा के लिए एक भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म बन गया है. उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है कि आपने दूसरों की भलाई को अपना गाइडिंग प्रिंसिपल बनाया है. मेरा मानना है कि कश्मीरी पंडित वॉलंटियर्स इस बात का भी जीता-जागता सबूत है कि जब सेवा निस्वार्थ होती है, तो यह एक दीये से दूसरे दीये तक फैलने वाली रोशनी की तरह बढ़ती रहती है.
शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को सफल नहीं होने देंगे- LG
उपराज्यपाल ने कश्मीरी पंडित समुदाय के हर सदस्य के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बल शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं. उन्होंने कहा, “शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को सफल नहीं होने दिया जाएगा.” इस मौके पर मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया.
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