देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है. शहर के कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है, जिसके चलते अब आम जनता के सब्र का बांध टूटने लगा है. पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे लोग अब सड़कों पर उतरकर नगर निगम और अपने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भड़ास निकाल रहे हैं.
जल संकट से परेशान वार्ड 26 के रहवासियों और क्षेत्रीय पार्षद ने हाल ही में विधानसभा 2 के बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के निवास पर पहुंचकर उनका घेराव किया. सैकड़ों की संख्या में रहवासी रैली के रूप में विधायक के घर पहुंचे और पानी के टैंकरों व सुचारू सप्लाई की गुहार लगाई. लोगों का कहना है कि उनके इलाके में कई दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है, जिससे उनका जीना मुहाल हो गया है. विधायक रमेश मेंदोला ने रहवासियों की इस शिकायत को गंभीरता से लिया है और महापौर से बातचीत कर पानी की उचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है.
क्या बोले इंदौर के महापौर?
इस भारी जल संकट पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सफाई दी है. उनका कहना है कि भीषण गर्मी के कारण पूरे शहर में पानी की खपत बढ़ गई है. इसके अलावा शहर में नई कॉलोनियों के बनने और जनसंख्या में वृद्धि के कारण भी यह संकट बड़े स्तर पर नजर आ रहा है. हालांकि, उन्होंने दावा किया है कि नगर निगम द्वारा लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है.
ग्राउंड जीरो की हकीकत: 400 का टैंकर 1800 में
कागजी दावों से इतर जमीन पर हालात बेहद खराब हैं. क्षेत्रीय रहवासी फरीद खान और संजय दवाड़े ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया: पहले क्षेत्र में एक दिन छोड़कर नर्मदा लाइन का पानी आता था, जिससे काम चल जाता था. अब भीषण गर्मी में जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब नलों में 4 से 5 दिन में एक बार पानी आ रहा है. मजबूरी में लोगों को प्राइवेट टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं. जो पानी का टैंकर एक महीने पहले 400 से 500 रुपये में आता था, अब उसकी कीमत 1400 से 1800 रुपये तक पहुंच गई है.
निगम के टैंकर चालकों पर भारी दबाव
जल संकट का सीधा असर नगर निगम के कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है. निगम के टैंकर चालक दीपक ने बताया कि पहले जहां उन्हें दिन भर में 20 टैंकर पानी सप्लाई करना पड़ता था, वहीं अब मांग इतनी बढ़ गई है कि उन्हें 40 चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. इसके बावजूद जब वे कॉलोनियों में पानी बांटने जाते हैं, तो उन्हें पानी के लिए तरस रही जनता के भारी गुस्से का सामना करना पड़ता है.
फिलहाल, शहर का यह जल संकट इंदौर नगर निगम के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है. अब यह देखना अहम होगा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर शहरवासियों को इस समस्या से कब तक राहत दिला पाते हैं. हाईन्यूज़ !















