पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हो रही भीषण बारिश ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है और चारों ओर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान इन दिनों इतिहास की सबसे बड़ी बाढ़ का सामना कर रहा है.
एक्सपर्ट का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग ने इस साल पाकिस्तान में मानसून की स्थिति को और खराब कर दिया है, जिससे जलवायु परिवर्तन हुआ. भारी बारिश और बादल फटने के कारण उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी पहाड़ों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं.
बारिश की चपेट में आने से कुल 33 लोगों की मौत
एएनआई रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ और बारिश की चपेट में आने से कुल 33 लोगों की मौत हुई है, 2200 गांव प्रभावित हुए हैं और 7,00,000 से अधिक लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है.
रविवार (31 अगस्त, 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब की वरिष्ठ मंत्री मरियम औरंगजेब ने कहा, ‘पाकिस्तान के इतिहास की ये सबसे बड़ी बाढ़ है. इस बाढ़ से 20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. यह पहली बार हुआ कि तीन नदियों सतयुग, चिनाब और रावी में इतना पानी भर गया है.’
पिछले साल की तुलना में अधिक बारिश
राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने बताया कि पंजाब में 1 जुलाई से 27 अगस्त के बीच पिछले साल की तुलना में 26.5 प्रतिशत से अधिक मानसूनी वर्षा हुई. पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि 26 जून से अब तक देशभर में बारिश से संबंधित घटनाओं में 849 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,130 लोग घायल हुए हैं.
बता दें कि 15 करोड़ की आबादी वाला पंजाब प्रांत एक कृषि क्षेत्र है और उसे पाकिस्तान का प्रमुख गेहूं उत्पादन राज्य है. साल 2022 में आई बाढ़ ने पूर्व और दक्षिण में बड़े पैमाने पर फसलों को नष्ट कर दिया, जिसके कारण प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खाद्यान्न की कमी की चेतावनी दी. हाईन्यूज़ !