चीन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान दो दिन के लिए चीन के तियानजिन शहर में एक खास कार दी. यह कार ‘होंगकी एल-5’ है, जिसे चीन में ‘रेड फ्लैग’ भी कहा जाता है. यह वही कार है, जिसका इस्तेमाल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करते हैं.
इस कार को चीन में ‘मेड इन चाइना’ का प्रतीक माना जाता है. इसका इतिहास 1958 से शुरू हुआ था, जब इसे खास तौर पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बड़े नेताओं के लिए बनाया गया था. यह कार चीन की सरकारी कंपनी FAW (फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स) ने बनाई थी. राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2019 में भारत के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के दौरान भी इसी कार का इस्तेमाल किया था.
‘ड्रैगन और हाथी’ एक साथ करें काम
रविवार (31 अगस्त, 2025) को द्विपक्षीय बैठक के दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी से कहा कि अब समय की मांग है कि ‘ड्रैगन और हाथी’ एक साथ आएं और दोस्त बनें. वहीं पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से कहा कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. दोनों देशों के बीच 2.8 अरब का सहयोग नागरिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा.
एक सम्बोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सीमा पर अब शांति और स्थिरता का माहौल है, दोनों देशों के सैनिकों की अपने क्षेत्र में वापसी हो गई है. दोनों देश के नेताओं के बीच ये बातचीत ट्रंप के टैरिफ विवाद से उत्पन्न अशांति के बाद हुई.
‘ऑरस’ से राष्ट्रपति पुतिन करेंगे खास यात्रा
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारा सहयोग दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हितों से जुड़ा है. इससे देश के लोगों की आर्थित स्थिति सही होने का रास्ता खुलेगा.’ इस बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तियानजिन शहर में अपनी खास राष्ट्रपति कार ‘ऑरस’ में सफर करेंगे. इस कार पर चीन की राजनयिक नंबर प्लेट लगी होगी.
ऑरस एक रेट्रो-स्टाइल (पुराने जमाने की डिजाइन वाली) लग्जरी कार है, जिसे रूस की ऑरस मोटर्स नाम की कंपनी ने बनाया है. यह कार खासतौर पर रूस के राष्ट्रपति के लिए तैयार की गई है और आधुनिक तकनीक के साथ-साथ शाही लुक भी देती है. हाईन्यूज़ !