लव जिहाद फंडिंग मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 40000 के इनामी आरोपी अनवर कादरी ने आखिरकार पुलिस की सख्ती और लगातार दबाव के चलते भेष बदलकर चुपचाप कोर्ट में सरेंडर कर दिया. आरोपी अनवर कादरी को लेकर पुलिस लंबे समय से अलर्ट पर थीं पुलिस की कई टीमें उसके ठिकानों पर लगातार छापामारी कर रही थी.
आरोपी ने शुक्रवार (29 अगस्त) को कोर्ट के सामने सरेंडर करने के पहले अपनी पहचान छिपाने के लिए वेशभूषा बदल ली थी और कोर्ट में किसी आम व्यक्ति की तरह पेश हुआ. इससे पहले कि पुलिस को उसकी मौजूदगी की भनक लगती, आरोपी ने कोर्ट नंबर 14 में सरेंडर किया.
कोर्ट में पुलिस बल तैनात
हालांकि, जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी अनवर कादरी कोर्ट में मौजूद है, बड़ी संख्या में पुलिस बल न्यायालय परिसर में पहुंच गया. लेकिन तब तक अनवर कादरी कोर्ट में पेश हो चुका था और प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी.
गिरफ्तारी वारंट था जारी
वहीं एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी कादरी के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. साथ ही आठ सितंबर तक उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की घोषणा भी की गई थी.
कई राज्यों में दी दबिश
उन्होंने कहा कि पुलिस की कई टीमें विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही थीं. लगातार दबाव और कार्रवाई की संभावना को देखते हुए आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. आज सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विधिवत प्रक्रिया के तहत अनवर कादरी को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि रिमांड अवधि में आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी और उसके नेटवर्क, फंडिंग के स्रोत और षड्यंत्र से जुड़े अन्य साक्ष्यों का आकलन किया जाएगा. जिन व्यक्तियों ने फरारी के दौरान उसे शरण दी है, उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
लव जिहाद के नाम पर फंडिंग का आरोप
बता दें अनवर कादरी पर लव जिहाद के नाम पर गैरकानूनी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करने और उसका इस्तेमाल करने का आरोप है. उस पर कई संवेदनशील मामलों में धार्मिक उन्माद फैलाने, युवाओं को बरगलाने और अवैध फंडिंग से जुड़े केस दर्ज हैं. पुलिस ने उसके ऊपर 40,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और कई बार उसके ठिकानों पर दबिश भी दी गई थी, लेकिन वह हर बार बच निकलता रहा.
पहचान बदलकर दे रहा था चकमा
कहा जा रहा है कि वह लगातार अपनी लोकेशन और पहचान बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहा था. रिमांड के दौरान उससे जुड़े अन्य संदिग्धों, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और इस मामले में जितने भी लोग उसके संपर्क में उनकी भी जांच की जाएगी. हाईन्यूज़ !