US के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे बड़ी विरोधी रहीं, इल्हान उमर ने मिनेसोटा राज्य में भारी-भरकम जीत हासिल की है. ट्रंप के भारी विरोध और जांच के घेरे के बीच इल्हान उमर ने पांचवीं जीत दर्ज कर ट्रंप को करारा झटका दिया है. वे मिनेसोटा से एक बार फिर अमेरिकी कांग्रेस पहुंचेंगी.
इल्हान उमर ने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार को बहुत भारी अंतर से हराया है. उमर को 76 फीसदी वोट मिले, जबकि ट्रंप की पार्टी के उम्मीदवार को महज 16 फीसदी वोट ही मिल सके.
इल्हान उमर की यह जीत कई मायनों में बेहद अहम है. एक तरफ जहां वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और उनके बयानों की मुखर आलोचक रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका राजनीतिक सफर लगातार विवादों और राजनीतिक हमलों के बीच आगे बढ़ा है. ट्रंप कई मौकों पर उन्हें निशाना बना चुके हैं.
ट्रंप प्रशासन ने करवाई लगातार जांच
हाल ही में अमेरिकी प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ आव्रजन संबंधी कथित अनियमितताओं की जांच भी शुरू हुई. अक्टूबर में वाशिंगटन स्थित उनके आवास पर संघीय एजेंटों ने छापेमारी की थी. इस दौरान उनका मोबाइल फोन, लैपटॉप और पासपोर्ट जब्त किए जाने की खबर सामने आई थी.
सोमालिया से अमेरिका की संसद तक सफर
सोमालिया में जन्मीं इल्हान उमर का अमेरिका तक का सफर भी काफी चर्चा में रहा है. गृहयुद्ध के कारण उनके परिवार को सोमालिया छोड़ना पड़ा था. शरणार्थी के रूप में अमेरिका पहुंचने के बाद उन्होंने राजनीति में अपनी पहचान बनाई है. 2018 में चुनाव जीतकर वह अमेरिकी कांग्रेस पहुंचीं और 2019 में उनका कार्यकाल शुरू हुआ. वह अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली सोमाली-अमेरिकी मुस्लिम महिलाओं में शामिल हैं.
ट्रंप की नीतियों की हार
यह सिर्फ एक सांसद की चुनावी जीत नहीं है, बल्कि ट्रंप प्रशासन की नीतियों की मुखर आलोचक और प्रगतिशील राजनीति की प्रमुख आवाज के रूप में इल्हान उमर की राजनीतिक स्थिति का भी संकेत है. हाईन्यूज़ !














