धार्मिक मान्यताओं में जन्माष्टमी के व्रत को संयम और सात्विकता से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, व्रत में खाई जाने वाली हर चीज को ज्यादा मात्रा में खाना सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता. कुछ खाद्य पदार्थ अधिक खाने से गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, कमजोरी या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. ऐसे में इस जन्माष्टमी पर जानिए व्रत के दौरान भोजन की सही मात्रा और किन चिजों के सेवन से बचना चाहिए.
साबूदाना में होता है कार्बोहाइड्रेट
व्रत में साबूदाने की खिचड़ी, खीर या वड़ा खूब खाया जाता है. साबूदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है. इसे बहुत अधिक मात्रा में खाने पर शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिल सकती है और लंबे समय तक पेट भारी महसूस हो सकता है. साबूदाना खाते समय इसमें मूंगफली, सब्जियों या दही जैसे संतुलित विकल्प शामिल करना बेहतर माना जाता है.
सिमित मात्रा में खाएं आलू
व्रत में आलू सबसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों में से एक है. आलू की सब्जी, चिप्स या फ्राई किए हुए आलू स्वादिष्ट जरूर लगते हैं, लेकिन इनका ज्यादा सेवन कैलोरी और तेल की मात्रा बढ़ा सकता है. खासकर डीप फ्राई किए हुए आलू अधिक खाने से पेट में भारीपन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. इसलिए व्रत में आलू को कम तेल में बनाकर सीमित मात्रा में खाना बेहतर विकल्प है.
कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी तली चीजें
कुट्टू और सिंघाड़े का आटा व्रत में खूब इस्तेमाल होता है. लेकिन इनसे बनी पूड़ी, पकौड़ी या पूरी तरह तली हुई चीजों का अधिक सेवन पाचन के लिए परेशानी पैदा कर सकता है. ज्यादा तेल और कैलोरी के कारण पेट भारी होने के साथ सुस्ती भी महसूस हो सकती है. इनकी जगह कम तेल में बनी रोटी या चीला लेना बेहतर होता है.
मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स होगें बेहतर
बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इन्हें असीमित मात्रा में खाया जाए. इनमें कैलोरी और फैट की मात्रा अधिक होती है. ज्यादा खाने पर कुछ लोगों को पेट फूलने या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. इसलिए मुट्ठी भर से अधिक ड्राई फ्रूट्स खाने से बचना बेहतर है.
ज्यादा मीठी चीजों के सवन से बचें
व्रत में फलाहारी मिठाइयां, साबूदाने की खीर, मिठाई या चीनी से बने पेय का सेवन बढ़ जाता है. ज्यादा मीठा खाने से शरीर को अचानक अधिक शुगर मिलती है और कुछ समय बाद भूख या थकान महसूस हो सकती है. इसलिए व्रत में प्राकृतिक मिठास के लिए फल या उनसे बना ताजा रस लेना बेहतर विकल्प होता है. हाईन्यूज़ !














