आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने बुधवार (6 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को रोकने के लिए हस्तक्षेप की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया. हुमांयू कबीर ने आरोप लगाया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुर्शिदाबाद जिले में बड़े पैमाने पर राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित हिंसा हुई है.
उन्होंने अदालत में दायर याचिका में कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के घरों में तोड़फोड़ की गई और उनके कार्यकर्ताओं को पीटा गया. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ में मामला दायर कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
आम जनता उन्नयन पार्टी नेता की याचिका में अदालत से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने, पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है. हुमांयू कबीर के वकील ने बताया कि पहले चरण के चुनाव (23 अप्रैल) में कबीर पर भी असामाजिक तत्वों ने हमला किया था और उनकी कार में तोड़फोड़ की गई थी. साथ ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी परेशान किया गया, लेकिन पुलिस ने इन मामलों में कोई शिकायत दर्ज नहीं की.
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उन्होंने कहा कि प्रशासनिक विफलता के कारण उन्होंने अदालत से तत्काल शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाने की मांग की है और निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है. बता दें कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे. इस चुनाव में मुर्शिदाबाद जिले दो सीटों पर हुमायूं कबीर ने जीत हासिल की.
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इस चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हुआ. कुल 207 सीटें भाजपा को मिलीं जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें प्राप्त हुईं. इसी बीच, परिणाम घोषित होने के बाद दक्षिण 24 परगना सहित राज्य के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं. पुलिस ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हाईन्यूज़!














