टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ में यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के आरोपों की जांच में नए खुलासों के बीच अब देश की एक और दिग्गज IT कंपनी टेक महिंद्रा के खिलाफ धार्मिक पक्षपात के आरोप सामने आए हैं. TCS मामले में तीन और पीड़ितों के सामने आने के साथ ही सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट वायरल हुई. इस पोस्ट में दावा किया गया कि टेक महिंद्रा ने अपने ऑफिस की पैंट्री को रमजान तक नमाज और इफ्तार के लिए ‘फुटवेयर फ्री जोन’ घोषित कर दिया था.
हालांकि, टेक महिंद्रा ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें गलत और निराधार बताया है. कंपनी ने कहा कि हम ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हैं और आंतरिक जांच में ये दावे गलत और निराधार पाए गए हैं.
टेक महिंद्रा को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, टेक महिंद्रा को लेकर यह विवाद तब शुरू हुआ जब बॉम्बे हाई कोर्ट के एक वकील और महाराष्ट्र BJP के लीगल एंड एडवाइजरी विभाग के प्रमुख आशुतोष दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के गोरेगांव स्थित टेक महिंद्रा के ऑफिस में त्योहारों के दौरान असमान नीतियां अपनाई जाती हैं और धार्मिक पक्षपात किया जाता है.
Received a concerning message from an employee at a Tech Mahindra BPO in Goregaon, alleging biased hiring practices, unequal workplace policies, and religious favoritism during festivals.
If true, this raises serious questions about corporate neutrality and fair work culture.… pic.twitter.com/r7bRimczzk
— ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) April 12, 2026
Received Instagram DM of girl employee: At Tech Mahindra office, pantry declared “Footwear-Free Zone” till Ramzan for prayers & iftar.
Colleagues asked to follow it in the name of “unity”.
Question is simple: Is workplace policy now religion-based, or should it remain neutral… pic.twitter.com/pL1u3l79f7
— ADV. ASHUTOSH J. DUBEY 🇮🇳 (@AdvAshutoshBJP) April 12, 2026
उन्होंने कहा कि यह मैसेज उन्हें कंपनी के एक गुमनाम कर्मचारी ने भेजा था. दुबे की ओर से शेयर किए गए पोस्ट में कथित कर्मचारी ने दावा किया कि कंपनी के गोरेगांव कैंपस में मिनी पाकिस्तान जैसा माहौल है. इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट किया, जिसमें तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित ऑफिस को लेकर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए. उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में एक अन्य कंपनी कर्मचारी का इंस्टाग्राम पोस्ट साझा किया, जिसमें ऑफिस की पैंट्री को रमजान तक नमाज और इफ्तार के लिए ‘फुटवेयर फ्री जोन’ घोषित किए जाने की बात कही गई.
मिनी पाकिस्तान के आरोपों पर कंपनी की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस विवाद के सामने आने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए टेक महिंद्रा के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हाल ही में सोशल मीडिया पर टेक महिंद्रा में धार्मिक पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं. हम ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हैं और आंतरिक जांच में ये दावे गलत और निराधार पाए गए. ‘फुटवियर फ्री जोन’ वाली जो तस्वीर वायरल हो रही है, वो हमारे किसी भी ऑफिस की नहीं है और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा गुमनाम पोस्ट भी झूठा है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘टेक महिंद्रा में हम एक समावेशी और सम्मानजनक वर्कप्लेस बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां हर व्यक्ति के साथ धार्मिक भेदभाव या अन्य तरह के भेदभाव के बिना गरिमा और निष्पक्षता के साथ व्यवहार किया जाता है. हम अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा करते रहेंगे, ताकि हमारे वैल्यूज का पालन सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार का दबाव या अनुचित व्यवहार न हो.’ हाईन्यूज़ !















