लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि छात्रों का हालिया प्रदर्शन गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं, बल्कि युवाओं की अभिव्यक्ति था. भाषण के दौरान राहुल गांधी की ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ वाली टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ. स्पीकर ओम बिरला को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा.
‘छात्रों का प्रदर्शन गुस्सा नहीं, युवाओं की आवाज है’
एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि देश के भविष्य ने सड़कों पर जो किया, उसे देखकर उन्हें काफी उत्साह और भरोसा मिला. उन्होंने कहा, “यह गुस्सा नहीं था, यह हिंसा नहीं थी और न ही नफरत थी. यह देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी की गहरी भावना की अभिव्यक्ति थी. सभी राजनीतिक दलों को, जिनमें भाजपा भी शामिल है, इस भावना का सम्मान करना चाहिए.” राहुल गांधी ने कहा कि अगर भाजपा नेता अपने बच्चों से पूछेंगे कि छात्र क्या महसूस कर रहे हैं, तो उन्हें भी छात्रों का समर्थन ही मिलेगा.
छात्रा से बातचीत का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बताया कि हाल ही में उनकी कुछ छात्रों से बातचीत हुई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने एक छात्रा से पूछा, “स्टूडेंट कौन होता है?” राहुल गांधी के मुताबिक छात्रा ने जवाब दिया, “स्टूडेंट वह होता है जिसका दिमाग और दिल खुला होता है. वह मानता है कि वह सबकुछ नहीं जानता. उसे पता होता है कि दुनिया और पूरा ब्रह्मांड लगातार बदल रहा है. सबसे जरूरी चीज मानवता है.” राहुल गांधी ने कहा कि यही सोच एक छात्र को आगे बढ़ाती है.
‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ वाली टिप्पणी से गरमाया सदन
भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा, “तीन तरह के लोग होते हैं… विद्यार्थी, अंधभक्त और इडियट. जहां अंधभक्त को लगता है कि इडियट ही भगवान है. आप बताइए स्टूडेंट कौन है और इडियट कौन?” राहुल गांधी के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया और सदन में हंगामा मच गया.
किरेन रिजिजू ने जताई कड़ी आपत्ति
राहुल गांधी द्वारा ‘इडियट’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और यह संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है.
राहुल गांधी बोले- अगर सिर्फ BJP को बोलना है तो मैं बैठ जाता हूं
किरेन रिजिजू की आपत्ति पर राहुल गांधी ने कहा, “अध्यक्ष जी, अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ BJP बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं. मैं जब भी बोलता हूं, BJP की तरफ से कोई न कोई बोलने लगता है.” उनके इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी तेज हो गई.
स्पीकर ओम बिरला ने बीच में रोका
लगातार हो रहे हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को टोका. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का नाम लेकर यह नहीं कहा जा सकता कि उसने कोई गलत काम किया है. अगर किसी मामले में शिकायत है तो उसकी जांच की मांग की जा सकती है. स्पीकर ने राहुल गांधी से विधेयक के दायरे में रहकर चर्चा करने का भी आग्रह किया.
रिजिजू बोले- क्या हम भी कह दें कि राहुल गांधी ने किसी का मर्डर किया? राहुल गांधी के बयान के बाद किरेन रिजिजू ने फिर हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा, “क्या हम भी यह कह सकते हैं कि राहुल गांधी ने किसी का मर्डर किया है? बिना सबूत इस तरह की बातें सदन में नहीं कही जा सकतीं.” रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए कहा कि जब तक इस तरह की टिप्पणी पर जवाब नहीं दिया जाएगा, तब तक सदन की कार्यवाही सामान्य ढंग से नहीं चल सकती. हाईन्यूज़ !














