फारस की खाड़ी में भारत के कितने जहाज और लोग अभी फंसे हुए हैं, इस पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया है. शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने विस्तार से जानकारी देते हुए एक बयान जारी किया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है. किसी भी पोर्ट पर कोई भीड़ भाड़ नहीं है.
पिछले 24 घंटे में किसी तरह की समुद्री घटना नहीं हुई: सिन्हा
सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटे में किसी भी समुद्री घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. फारस की खाड़ी इलाके में हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. हम लगातार उन पर नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल किसी भी पोर्ट पर भीड़ भाड़ नहीं है.
इसके अलावा उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में हमारी जो 24*7 हेल्पलाइन हैं, कम्युनिकेशन सेंटर है और कंट्रोल रूम है. उसमें करीबन सवा सौ कॉल और ईमेल हैं, उनका जवाब दिया गया है. अपने मिशन के सहयोग से पिछले 24 घंटों में 25 भारतीय नाविक को भारत वापस लाया गया.
पोर्ट पर किसी तरह की रुकावट नहीं: शिपिंग मंत्रालय
उन्होंने कहा कि किसी पोर्ट पर किसी तरह की रुकावट नहीं है. चाहे वो बड़े पोर्ट हों, या अन्य पोर्ट हों. कार्गो की आवाजाही और कार्गो संचालन की निगरानी में आपको पहले ही बताया था कि नवा शिवा पोर्ट, तुतिकुरीन पोर्ट, विशाखापट्टनम पोर्ट और कांडला पोर्ट में जरूरी कदम उठाए हैं.
न्यू मैंगलोर पोर्ट पर सर्कुलर जारी
उन्होंने कहा कि न्यू मैंगलोर पोर्ट ने कच्चे तेल और LPG से जुड़े सभी कार्गो शुल्कों में छूट के लिए एक सर्कुलर जारी किया है, जो 14 मार्च से 31 मार्च तक मान्य है. बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय, पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति को देखते हुए, जहाजों की आवाजाही, बंदरगाह के कामकाज, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और समुद्री व्यापार की निरंतरता पर बारीकी से नजर रखना जारी रखे हुए है. हाईन्यूज़ !















