West Bengal News:HN/ पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में पिछले कुछ दिनों में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ हुई क्रूर वारदातों ने पूरे इलाके में भय और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है. लगातार सामने आ रही हत्याओं, बलात्कार और घरेलू हिंसा के मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा आखिर कब सुनिश्चित होगी.
40 साल की महिला की हत्या
नोदाखाली इलाके में शुक्रवार सुबह सड़क किनारे एक 40 साल की महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई. महिला के कपड़े अस्त-व्यस्त होने की वजह से पुलिस को प्रारंभिक तौर पर दुष्कर्म की आशंका हुई है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराध से पहले या बाद में महिला के साथ शारीरिक शोषण हुआ या नहीं.
पुलिस ने संदेह के आधार पर एक स्थानीय निवासी को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है. फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई कोणों से जांच कर रही है.
नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या
जिले में कुछ ही दिनों पहले एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी. बाल दिवस के दिन शाम को 8 साल की एक बच्ची खेलने के लिए घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिवारवालों ने पूरी रात उसकी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन सुबह उसका क्षत-विक्षत शव पास के इलाके में मिला, जिससे सबकी रूह कांप उठी.
जांच के दौरान संदेह बच्ची के ही एक चचेरे भाई पर गया. शुरुआत में उसने अपराध से साफ इनकार किया, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद वह टूट गया और हरकत कबूल कर ली. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया और उसके बाद उसके साथ दरिंदगी कर उसकी हत्या कर दी. डायमंड हार्बर पुलिस जिले के एएसपी मिथुन दे ने बताया कि आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. मामले की जांच तेजी से चल रही है ताकि जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर अपराधी को सजा दिलाई जा सके. यह घटना पूरे इलाके को झकझोरने वाली है.
गृहिणियों की हत्या के मामले भी बढ़े
महिलाओं के खिलाफ अपराध की श्रृंखला यहीं नहीं रुकी. कुछ दिन पहले श्यामपुकुर में एक युवा गृहिणी पूजा पुरकायस्थ की संदिग्ध मौत ने भी पुलिस को परेशान कर दिया. परिवारवालों ने उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
पुलिस जांच में उसके शरीर पर कई खरोंच और चोटों के निशान मिले. ससुराल की तलाशी के दौरान घर से एक संदिग्ध नोट भी मिला जिसमें लिखा था, “हमारी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है.” इस नोट ने पुलिस के शक को और बढ़ा दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी. इसके बाद पुलिस ने उसके पति को मुख्य आरोपी मानते हुए हिरासत में ले लिया.
पत्नी की हत्या कर शख्स ने किया आत्मसमर्पण
इसी कड़ी में बागबाजार में हुई एक और घटना ने सभी को हिला दिया. सुमित पुरकायस्थ नाम के व्यक्ति ने अपने 24 साल की पत्नी पूजा पुरकायस्थ की हत्या करने के बाद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस पूछताछ में उसने दावा किया कि पत्नी के विवाहेतर संबंध के संदेह में उसने यह कदम उठाया. पति ने हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश भी की, लेकिन असफल रहा.
अस्पताल ने शरीर पर पाए गए कई चोटों और खरोंचों के कारण पुलिस को सूचना दी. पुलिस की कार्रवाई में स्पष्ट हो गया कि यह साफ-सुथरी हत्या का मामला है.
बढ़ते अपराधों से लोगों में भय
इन लगातार घटनाओं ने दक्षिण 24 परगना, बागबाजार और आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी है. लोग यह पूछने पर मजबूर हैं कि महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार कब थमेगा? पुलिस ने सभी मामलों में जांच तेज कर दी है और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने का आश्वासन दिया है.
हालांकि, इन घटनाओं का बार-बार दोहराया जाना बताता है कि समाज में जागरूकता, परिवारों में संवाद, और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है.
















