मिलना था इक्तेफाक, बिछड़ना नसीब था. यह कहावत सार्थक हुई है इंदौर में जहां 7 दिन पहले श्रद्धा तिवारी ने अपने ब्वॉयफ्रेंड सार्थक से मिलने के लिए घर छोड़ा था. सार्थक ने मिलने से मना किया तो किस्मत ने करण योगी को ट्रेन में मिलवा दिया, जिससे श्रद्धा ने अपना नसीब समझकर शादी कर के घर लौटी है.
दरअसल, सात दिनों से लापता श्रद्धा तिवारी मिल तो गई लेकिन जो कुछ खुलासा हुआ वह काफी फिल्मी है. मिसिंग मिस्टी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं जो पूरी तरीके से फिल्मी है शायद सुनकर ऐसा लग रहा है कि यह स्क्रिप्ट पटकथा बहुत दिनों पहले लिखी जा चुकी थी लेकिन श्रद्धा और करण के बयान से के साबित हो रहा है की कहानी फिल्मी नहीं बल्कि महज कुछ घंटे के प्यार और फिर शादी से जुड़ी हुई है.
7 दिन बाद पति संग लौटी श्रद्धा
बता दें कि 23 तारीख को दोपहर दो बजे के लगभग श्रद्धा आपने घर जनता क्वार्टर से निकलती है और तीन किलोमीटर दूर लोटस चौराहे से अचानक गायब हो जाती है. लगभग 7 दिन बाद मंदसौर जावरा के पास से बरामद होती है. 7 दिनों पहले जब अपने घर से निकली थी बी ए फाइनल ईयर की छात्रा थी और 7 दिनों बाद जब वह मिली तब वह शादीशुदा है और उसके पति का नाम करण योगी है.
‘मेरी बेटी को फंसाया गया’
श्रद्धा के पिता अनिल तिवारी ने कहा, “लड़की भागी किसी और के लिए थी, बीच में किसी और की एंट्री हुई. इस केस में कई एंगल है. अभी जांच होनी चाहिए. मेरी बेटी को फंसाया गया है. मैं इस शादी को नहीं मानता. लड़की अगर 10 दिन बाद कह देती है कि उसी लड़के से शादी करना चाहती हूं तो मैं धूमधाम से शादी करूंगा.”
अनिल तिवारी यह भी कहा, “मैंने अपनी बच्ची को कैसे पाला है, जीरो से लेकर अभी तक कैसे उठा हूं यह भी जानता हूं. मेरी बच्ची के साथ कुछ ऐसा हुआ है जिसे निकालने में समय लगेगा. मैं लड़के को नहीं जानता हू करण से बात हुई थी, उसने कहा कि बेटी जा रही थी. ये सुसाइड करने वाली थी.”
‘दोनों ने मर्जी से की शादी’
उन्होंने कहा, “करण ने उसे समझाया कहा कि तुम अपने पापा से बात कर लो ऐसा करण ने मुझे बताया है. जिस लड़के के पास 500 रुपये नहीं थे खाने के लिए मैंने 500 भेजे थे. वो मेरी बेटी का ख्याल कैसे रख पाएगा.” वहीं श्रद्धा से शादी करने वाले करण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि श्रद्धा और हमनें दोनों ने मिलकर मरजी से शादी की है.
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में श्रद्धा ने पुलिस को बताया है कि वह घर से निकलने के बाद अपने ब्वॉयफ्रेंड सार्थक के संपर्क में थी और उसने सार्थक के साथ भागने का प्लान बनाया था, लेकिन सार्थक जब रेलवे स्टेशन नहीं पहुंचा तो वह ट्रेन से बैठकर रतलाम पहुंच गई.
ट्रेन में मिला करण
उन्होंने आगे बताया कि इस बीच उसने करण योगी जो की इंदौर के गुजराती समाज महाविद्यालय में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है उससे संपर्क किया. पूछताछ में श्रद्धा ने बताया कि वह ट्रेन से रतलाम गई और इसी ट्रेन में किस्मत से उसे करण योगी मिल गया, और दोनों ने शादी करने का प्लान किया.
महेश्वर में की शादी
जिसके बाद दोनों रतलाम से मंदसौर और वहां से महेश्वर पहुंचे, जहां एक मंदिर में दोनों ने शादी कर ली. शादी के बाद दोनों सांवरिया सेठ की ओर रवाना हो रहे थे लेकिन श्रद्धा सीधे इंदौर के एमआईजी थाने पहुंची है. हाईन्यूज़ !