मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा कलेक्टर के साथ अभद्र व्यवहार के मामले ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर हलचल मचा दी है. पार्टी ने इसे गंभीरता से लेते हुए विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह को तत्काल भोपाल तलब किया, जहां उन्हे चेतावनी दी गई कि ऐसी घटना अगर फिर दोहराई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
सूत्रों के अनुसार विधायक कुशवाह को भोपाल बुलाकर प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात कराई गई. इस बैठक में संगठन ने पूरे प्रकरण पर कड़ी नाराजगी जताई और विधायक को सख्त शब्दों में चेतावनी दी.
घटना फिर दोहराई तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
पार्टी नेतृत्व ने विधायक से स्पष्ट कहा कि इस तरह का व्यवहार पार्टी की मर्यादा और अनुशासन के खिलाफ है. संगठन ने यह भी साफ कर दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोहराई गई तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. बैठक में यह संदेश दिया गया कि भाजपा अपने जनप्रतिनिधियों से संयमित आचरण की उम्मीद रखती है और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
प्रदेश नेतृत्व ने विधायक कुशवाह को यह भी समझाया कि भाजपा की कार्यप्रणाली में जनता की सेवा और सकारात्मक संवाद प्राथमिकता है. ऐसे में किसी अधिकारी के साथ टकराव की स्थिति न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है बल्कि प्रशासनिक तंत्र में भी गलत संदेश देती है.
अनुशासन में रहें विधायक – बीजेपी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने इस कार्रवाई के जरिए अपने विधायकों को अनुशासन का सख्त संदेश दिया है. हाल के दिनों में कई राज्यों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच विवाद की घटनाएं सामने आई हैं. ऐसे में पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह अनुशासनहीनता पर किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरतेगी.
भिण्ड प्रकरण के बाद पार्टी संगठन इस बात पर भी मंथन कर रहा है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय कैसे बनाया जाए, ताकि ऐसे विवाद भविष्य में टल सकें. फिलहाल विधायक कुशवाह को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं – दोबारा ऐसी गलती की तो कार्रवाई और सख्त हो सकती है. हाईन्यूज़!