Malaysia Temple Relocation Row:HN/ मलेशिया में हिंदू मंदिरों के खिलाफ सरकारी फैसलों और भूमि विवादों ने वहां के हिंदू समुदाय को एकजुट कर दिया है. इसके समाधान के लिए 2,300 से अधिक मंदिरों के प्रतिनिधियों ने कुआलालंपुर में इस सप्ताह के अंत में एक बड़ी बैठक बुलाई है. इसका मुख्य उद्देश्य मंदिरों की भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक रणनीति तैयार करना है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबित हाल ही में कुआलालंपुर के 130 साल पुराने श्री पथराकालीअम्मन मंदिर को सरकार के दबाव में मूल स्थान से हटा देने का प्रस्ताव पास कर दिया है. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इस जगह पर एक नई मस्जिद की नींव रखी है, जिससे हिंदू समुदाय में भारी असंतोष फैल गया है.
मलेशिया में हिंदू मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व
ब्रिटिश शासन के दौरान, भारतीय मजदूरों को मलाया (अब मलेशिया) लाया गया, और उनकी धार्मिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मंदिर बनाए गए.1957 में मलेशिया की स्वतंत्रता के बाद, इन मंदिरों की जमीन को कानूनी रूप से मान्यता नहीं दी गई, जिससे भूमि विवाद की स्थिति पैदा हुई. सरकार ने कई हिंदू मंदिरों की जमीन को निजी कंपनियों को बेच दिया, जिससे उनके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा.
मंदिर विवाद क्यों हो रहा है?
31 अगस्त 1957 को मलेशिया की आज़ादी के बाद कई हिंदू मंदिरों की भूमि को सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया गया, जिससे हिंदू समुदाय के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया. मलेशिया में बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों को सरकारी संरक्षण प्राप्त है, जबकि हिंदू मंदिरों को हटाया जा रहा है. दूसरी तरफ कट्टरपंथी समूहों का कहना है कि सरकार को मंदिरों के लिए नई जमीन नहीं देनी चाहिए. सोशल मीडिया पर हिंदू विरोधी नफरत फैलाने वाले अभियान चल रहे हैं, जिससे तनाव और बढ़ रहा है.
MHS क्या काम करता है?
मलेशिया हिंदू संगम (MHS) देश में हिंदू मंदिरों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य करता है. MHS ने 2300 मंदिरों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है ताकि इस भूमि विवाद का कानूनी और सामाजिक समाधान खोजा जा सके. MHS का मानना है कि सरकारी भूमि पर बने हिंदू मंदिरों के लिए स्थायी कानूनी समाधान की जरूरत है.
श्री पथराकालीअम्मन मंदिर को हटाने की घटना
मलेशिया में हिंदू मंदिरों के भविष्य को लेकर जो संकट खड़ा हुआ है, वह सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और कानूनी मुद्दा भी है. 130 साल पुराने श्री पथराकालीअम्मन मंदिर को हटाने की घटना ने यह संकेत दिया है कि मलेशिया के 2,300 से अधिक हिंदू मंदिरों पर खतरा मंडरा रहा है. हाईन्यूज़ !