किडनी स्टोन में काफ़ी फायदेमंद है अल्कलाइन वॉटर, रिसर्च में हुआ खुलासा

अल्कलाइन वॉटर से किडनी में होने वाले स्टोन की रोकथाम कर सकते हैं. हाल ही एक रिसर्च में यह खुलासा हुआ है.  अल्कलाइन वॉटर, जिसे कभी-कभी उच्च पीएच वाला पानी भी कहा जाता है. बोतलबंद पानी की एक लोकप्रिय श्रेणी है। लगभग 7.5 पीएच वाले सामान्य नल के पानी की तुलना में अल्कलाइन वॉटर का पीएच लेवल 8 से 10 के बीच होता है. हाल के सालों में अल्कलाइन वॉटर की खपत और बिक्री में बढ़ोतरी हुई है. देश-विदेश में ऐसे कई ग्रुप हैं जो अल्कलाइन वाटर से जुड़े हेल्थ बेनिफिट्स का दावा करते हैं. इसे पीने से बेहतर हाइड्रेशन और किडनी की पथरी भी ठीक हो जाती है. जि न लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा होता है उनके किडनी में स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है. पोटैशियम साइट्रेट की गोलियां आमतौर पर बार-बार होने वाली पथरी को रोकने के लिए निर्धारित की जाती हैं. हालांकि, कई मरीज़ अनुशंसित उपचार का पालन नहीं करते हैं. यदि अल्कलाइन वॉटर मूत्र पीएच बढ़ा सकता है, तो यह पथरी की रोकथाम के लिए एक अच्छा साधन हो सकता है. ‘द जर्नल ऑफ यूरोलॉजी’ में पब्लिश रिसर्च में कहा गया है कि पथरी की रोकथाम के लिए अल्कलाइन वॉटर अच्छा है. लेकिन इसका बिल्कुल भी यह अर्थ नहीं है कि आप डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा न खाएं.

पानी में होता भरपूर पीएच

कैलिफोर्निया इरविन विश्वविद्यालय के रोशन एम. पटेल ने कहा,’अल्कलाइन वॉटर उत्पादों का पीएच नियमित पानी की तुलना में अधिक होता है, उनमें अल्कलाइन की मात्रा नगण्य होती है, जिससे पता चलता है कि वे गुर्दे और अन्य मूत्र पथरी के विकास को प्रभावित करने के लिए मूत्र पीएच को पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ा सकते हैं. किडनी की पथरी को रोकने के लिए उच्च पीएच पानी की क्षमता का आकलन करने के लिए, डॉ. पटेल की टीम ने व्यावसायिक रूप से उपलब्ध पांच अल्कलाइन वॉटर उत्पादों का पीएच मापा. उन्होंने मूत्र पीएच बढ़ाने की क्षमता वाले अन्य प्रकार के पेय और ओवर-द-काउंटर उत्पादों पर प्रकाशित आंकड़ों की भी समीक्षा की.अध्ययन में परीक्षण किए गए पांच ब्रांडों का पीएच लगभग 10 की सीमा में समान था. एक उत्पाद में थोड़ी मात्रा में साइट्रेट था जो उत्पाद लेबल पर सूचीबद्ध नहीं था.

अल्कलाइन वाटर में होता है 10 पीएच

10 के पीएच लेवल पर किए गए परीक्षण में अल्कलाइन कटेंट केवल 0.1 मिलीइक्विवेलेंट्स (एमईक्यू/एल) प्रति लीटर होगा. यह शरीर के प्रति दिन 40 से 100 मिलीइक्विवेलेंट्स (एमईक्यू/एल) प्रति लीटर के सामान्य उत्पादन की तुलना में बहुत कम है.इसके विपरीत कुछ अन्य उत्पादों में पीएच बढ़ाने की क्षमता होती है, विशेष रूप से संतरे के रस में 15 एमईक्यू/एल तक अल्कलाइन कटेंट होती है. प्रति दिन 30 एमईक्यू के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संतरे के रस की अनुमानित लागत भी सबसे कम है.

सोडियम सामग्री से संबंधित संभावित चिंताओं के बावजूद, बेकिंग सोडा सबसे प्रभावी और कम लागत वाले विकल्पों में से एक था. पानी में घुलनशील नए उत्पाद भी उपयोगी और किफायती विकल्प प्रदान करते दिखाई दिए.डॉ. पटेल ने कहा, “हमारे निष्कर्ष बार-बार होने वाली मूत्र पथरी को रोकने के लिए पेय पदार्थों और ओवर-द-काउंटर उत्पादों सहित अन्य उपचारों के चयन में मार्गदर्शन करने में मदद कर सकते हैं.शोधकर्ता अपने प्रयोगशाला अध्ययन की सीमाओं पर ध्यान देते हैं और मूत्र पीएच बढ़ाने के विकल्पों के नैदानिक ​​परीक्षणों की आवश्यकता पर जोर देते हैं. हाईन्यूज़ !

News: मथुरा-काशी में मंदिर तोड़े और बनाई गईं मस्जिदें… फिर सर्वे और कोर्ट की क्या जरूरत- इरफान हबीब

ज्ञानवापी मामले में कोर्ट के फैसले पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवं प्रख्यात इतिहासकार इरफान हबीब का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि

Read More »

MP News: जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव सरकार को घेरा, शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूछा यह सवाल

Jitu Patwari To CM Mohan Yadav:HN/ लोकसभा चुनाव से पहले पीसीसी चीफ जीतू पटवारी काफि एक्टिव नजर आ रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने

Read More »

MP News: सीएम मोहन यादव बोले- ‘सिंहस्थ मेला 2028 का आयोजन ऐसा होगा दुनिया देखती रह जाएगी’

Ujjain News:HN/ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिप्रा नदी को सतत प्रवाहमान बनाए रखने के लिए एक अथॉरिटी बनाने का ऐलान किया है. इस

Read More »

Lok Sabha Elections 2024: क्या इस बार कमलनाथ का गढ़ भेद पाएगी BJP? कैलाश विजयवर्गीय ने छिंदवाड़ा के लिए दिया इस नेता का नाम

Madhya Pradesh Politics News:HN/ क्या मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) कमलनाथ (Kamal Nath) के गढ़ छिंदवाड़ा (Chhindwara) से लोकसभा का

Read More »

चौधरी परिवार फिर से चौथी बार बीजेपी के करीब, 27 साल में RLD का होगा 10वां गठबंधन

त्तर प्रदेश की सियासत में आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी के सामने अपने बाप-दादा की सियासी विरासत को बचाने की चुनौती है. ऐसे में जयंत चौधरी

Read More »

वाह रे बिहार का शिक्षा विभाग! 12 साल से शेर को बाघ पढ़ा रहे थे स्कूल में, ऐसे हुआ खुलासा

बिहार में कुछ न कुछ अजीब मामले सामने आते रहते हैं. कभी यहां से ट्रेन का इंजन तो कभी पुल गायब हो जाता है. ताजा

Read More »

ब्रज में इस पेड़ को राधा रानी ने आखिर क्यों दिया श्राप? आज तक भी नहीं पकते हैं जिसके फल

वृंदावन में हर साल लाखों की संख्या में भक्त भगवान कृष्ण के मंदिरों के दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं. भगवान श्रीकृष्ण के हर

Read More »