जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की आज सुबह 10:30 बजे पार्टी कार्यालय में बड़ी बैठक होने जा रही है. बैठक में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत पार्टी के विधायक, एमएलसी और मंत्री मौजूद रहेंगे. यह एक दिवसीय प्रबोधन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें पार्टी के विधायकों और एमएलसी को उनकी विधायी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी.
कार्यक्रम के दौरान विधायकों और एमएलसी को सदन के कामकाज से जुड़े कई अहम पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. इसमें विधायी कार्य, कानून बनाने की प्रक्रिया, प्रश्नकाल, ध्यान आकर्षण, कार्य स्थगन प्रस्ताव और बजट से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल हैं. पार्टी की ओर से जनप्रतिनिधियों को सदन में अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभाने को लेकर भी जानकारी दी जा सकती है.
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राजनीतिक मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा
हालांकि बैठक का मुख्य एजेंडा प्रशिक्षण कार्यक्रम है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए इसे राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है. UCC को लेकर जदयू और बीजेपी के बीच मतभेद की चर्चा है.
वहीं पार्टी का नाम बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ करने की मांग भी सामने आई है. फरक्का जल संधि को लेकर जदयू केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बनाने की बात कह रहा है.
राजद के ऑफर पर भी नजर
दूसरी ओर राजद की ओर से जदयू को महागठबंधन में आने और साथ मिलकर सरकार बनाने का ऑफर दिए जाने की बात सामने आई है. ऐसे में बैठक के दौरान आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा संभव है. फरक्का जल संधि, UCC और पार्टी के नाम से जुड़े मुद्दों पर पार्टी अपना रुख स्पष्ट कर सकती है.
संगठन और विधान परिषद चुनाव पर भी मंथन
बैठक में संगठन को मजबूत करने और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के साथ आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर भी चर्चा हो सकती है. नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री नहीं रहने के बाद जदयू के सामने बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान और प्रभाव बनाए रखने की चुनौती भी है.
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ऐसे में पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि बिहार से जुड़े मुद्दों पर जदयू की अपनी मजबूत आवाज है. बैठक में कुछ अहम फैसले लिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है. हाईन्यूज़ !














