दिल्ली में डीटीसी बस चालकों की हड़ताल गुरुवार (17 सितंबर) को तीसरे दिन भी जारी रही. दैनिक वेतन बढ़ाने, चिकित्सा सुविधाएं देने और ओवरटाइम का भुगतान करने समेत कई मांगों को लेकर चालक काम पर नहीं लौटे. हड़ताल की वजह से सड़कों पर बसों की संख्या कम रही और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने चालकों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया है. हालांकि, प्रदर्शन कर रहे चालक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक ठोस समाधान नहीं निकलता, उनकी शांतिपूर्ण हड़ताल जारी रहेगी.
रानी खेड़ा, राजघाट, नेहरू प्लेस, बुराड़ी, वजीरपुर, घुमनहेड़ा, सरिता विहार समेत दिल्ली के कई बस डिपो के चालक तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे. प्रदर्शन कर रहे चालकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है.
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प्रदर्शन कर रहे चालक सोनू बेनीवाल ने कहा, “सरकार को ऐसा समाधान निकालना चाहिए ताकि हमें निजी ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े. हमारी शांतिपूर्ण हड़ताल जारी रहेगी, क्योंकि परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि बातचीत जारी है.”
862 रुपये रोजाना वेतन का मुद्दा
चालकों और परिचालकों के मुताबिक, वे 862 रुपये प्रतिदिन के वेतन पर डीटीसी बसें चला रहे हैं. उनका कहना है कि काम की जिम्मेदारियों और घंटों के हिसाब से दैनिक वेतन बढ़ाया जाना चाहिए. इसके साथ ही चालक चिकित्सा सुविधाएं और अतिरिक्त काम के घंटों के लिए ओवरटाइम भुगतान की भी मांग कर रहे हैं.
डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के अध्यक्ष ललित चौधरी ने कहा, ‘‘हम चालकों की मांगों का समर्थन करते हैं. अभी तक सरकार के किसी प्रतिनिधि ने हमसे संपर्क नहीं किया है. हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण है और हमने बसें नहीं चलाने का फैसला किया है.’’
बसों की कमी से यात्रियों की परेशानी
हड़ताल के कारण दिल्ली की सड़कों पर बसों की उपलब्धता प्रभावित हुई है. यात्रियों ने सोशल मीडिया मंचों पर बताया कि कई बस स्टॉप पर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा. बुधवार को भी लोगों ने कम बसें चलने की शिकायत की थी. इसका असर रोजाना बस से ऑफिस, कॉलेज और दूसरे जरूरी कामों के लिए सफर करने वाले लोगों पर पड़ा.
कई अभिभावकों ने विद्यालयों के लिए बस सेवा नहीं मिलने की भी शिकायत की. सरदार पटेल विद्यालय ने अभिभावकों को भेजे संदेश में कहा कि कुछ क्षेत्रों में जारी हड़ताल के कारण विद्यालयों की बसों के संचालन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
विद्यालय ने वापसी के लिए वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था की है और अभिभावकों से बस सेवा नियमित होने तक बस की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित ‘बस दीदी’ के संपर्क में रहने को कहा है.
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी सलाह
दिल्ली एयरपोर्ट ने हड़ताल के कारण यात्रियों को यात्रा की योजना में बदलाव करने की सलाह दी है. दिल्ली एयरपोर्ट ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “डीटीसी बस हड़ताल जारी रहने के कारण दिल्ली हवाईअड्डे तक आने-जाने वाली बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. टर्मिनल के बीच आवागमन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से जारी रहने की उम्मीद है.”
परिवहन मंत्री ने की हड़ताल खत्म करने की अपील
एक दिन पहले परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाले निजी रियायतधारकों को चालकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया था. उन्होंने चालकों से हड़ताल वापस लेने की अपील भी की और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया.
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वर्तमान में दिल्ली में करीब 6,500 डीटीसी बसें हैं और इनमें हर दिन लगभग 60 लाख यात्री सफर करते हैं. ऐसे में बस चालकों की हड़ताल लंबी खिंचने पर यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है. वहीं, प्रदर्शन कर रहे चालकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, उनकी शांतिपूर्ण हड़ताल जारी रहेगी. हाईन्यूज़ !














