अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर मिडिल ईस्ट जंग को लेकर बात की. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. 28 फरवरी को जंग के शुरू होने के बाद से दोनों नेताओं के बीच पहली बार बात हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति का फोन आया था और दोनों नेताओं ने मीडिल ईस्ट की स्थिति पर चर्चा की.
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला, सुरक्षित रहना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है. हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति जताई.’
Received a call from President Trump and had a useful exchange of views on the situation in West Asia. India supports de-escalation and restoration of peace at the earliest. Ensuring that the Strait of Hormuz remains open, secure and accessible is essential for the whole world.…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2026
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों नेताओं में हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, ‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की. उन्होंने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के महत्व पर जोर दिया गया. इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि उन्होंने ईरान को फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ा दी है. उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमले को पांच दिन के लिए टाल दिया गया है.
President Donald Trump just spoke with Prime Minister Modi. They discussed the ongoing situation in the Middle East, including the importance of keeping the Strait of Hormuz open.
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) March 24, 2026
जयशंकर ने मार्को रुबियो से तेल संकट पर की थी बात
इसके पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार (23 मार्च 2026) को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत की थी. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संघर्ष के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख विषय रहा. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि बातचीत में अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर संकट के प्रभावों पर विस्तार से विचार हुआ और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं पर भी विशेष चर्चा की गई. दोनों पक्षों ने परस्पर प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर संपर्क में रहने पर सहमति जताई.
खाड़ी देशों के राजदूत से मिले जयशंकर
वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग ने भी इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की और सहयोग जारी रखने के महत्व पर जोर दिया. इसी क्रम में जयशंकर ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों सऊदी अरब, यूएई, ओमान, कतर, बहरीन और कुवैत के राजदूतों से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात और भारत की ऊर्जा सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की. उन्होंने भारतीय समुदाय को दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए इन देशों का आभार भी जताया.
वैश्विक तेल और गैस कीमतों में उछाल
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है. माना जा रहा है कि होर्मुज मार्ग के अवरुद्ध होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है. एस जयशंकर ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ (Vijitha Herath) और जर्मनी के विदेश मंत्री से भी बात कर इस संकट के प्रभावों पर चर्चा की. भारत ने दोहराया कि वह क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करता रहेगा. हाईन्यूज़ !















