कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया ने अब आलोचकों को करारा जवाब दिया है. दहिया ने कहा कि उनके खिलाफ हो रहा प्रचार सिर्फ एक प्रोपेगेंडा हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन के लिए किए उनके काम का रिकॉर्ड खुद सब कुछ बयां करता है. सोमवार को संसद मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच उनका बर्गर खाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था.
प्रदर्शनकारी सोमवार को संसद मार्च निकाल रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. युवा छात्रों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. सीजेपी के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक और CBSE परीक्षा पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों जैसी बड़ी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं.
पुलिस ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कम से कम 178 लोग घायल हुए, जिनमें 118 पुलिसकर्मी भी शामिल थे. अधिकारियों ने यह भी बताया कि लगभग 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए. इन घटनाओं को लेकर दहिया ने कहा कि जब मार्च खत्म हो गया और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर लौट रहे थे, तो वे घर चले गए थे. उन्होंने सोचा था कि बाद में लौट आएंगे क्योंकि शाम को उनकी जरूरत थी.
दहिया ने अपनी सफाई में क्या कहा
NDTV से बातचीत में दहिया ने कहा, “हर प्रदर्शनकारी जानता है कि मैंने इस पूरे विरोध-प्रदर्शन के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया है. मैंने लगातार 12 घंटे तक खड़े रहकर तमाम प्रोपेगैंडा को गलत साबित किया है, मेहमानों और डेलिगेशन का स्वागत-सत्कार किया है और न जाने क्या-क्या काम किए हैं. इसलिए यह प्रदर्शनकारियों की बात नहीं है, यह प्रोपेगैंडा है.”
CJP से उनको हटाने पर दहिया ने कहा कि अगर इससे बड़े मकसद में मदद मिलती है, तो उन्हें इस फैसले से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर एक कुर्बानी से आंदोलन मजबूत होता है, तो ठीक है. कोई बात नहीं. पद इतना जरूरी नहीं है. आंदोलन और बड़ा मकसद मेन है. इसलिए मुझे कोई समस्या नहीं है.” हाईन्यूज़ !














