राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक समेत 7 आरोपियों पर लगे आतंक से जुड़े चार्ज को नहीं हटाया है. इसको लेकर अहम जानकारी सामने आई है. मैथ्यू एरन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था. इन पर म्यांमार में गैर-कानूनी तरीके से घुसने और ड्रोन-युद्ध की ट्रेनिंग देने के आरोप लगे थे. यह मामला UAPA की धारा 18 और अन्य अपराधों के तहत दर्ज किया गया था.
केस को लेकर दावा किया गया था कि आरोपियों पर लगे आतंकी गतिविधियों से जुड़े चार्ज हटाकर जांच बंद कर दी गई है. जबकि ऐसा नहीं हुआ है. NIA उन सभी के खिलाफ UAPA के तहत अपराधों की जांच कर रही है. NIA ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट (IFA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है. अहम बात यह भी है कि जांच में अपराध पूरी तरह से साबित हो चुके हैं.
IFA चार्जशीट अभी क्यों दाखिल की गई?
UAPA के नियमों के मुताबिक, जांच एजेंसी को आरोपी की कस्टडी के दौरान जांच पूरी करने के लिए 180 दिन तक का समय मिल सकता है. इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है. अगर तय समय के अंदर जरूरी चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है, तो आरोपी जमानत की मांग कर सकता है. इस मामले में न्यायिक हिरासत की 180 दिनों की कानूनी समय-सीमा 8 सितंबर 2026 को खत्म हो रही थी.
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत अपराध पूरी तरह से साबित हो चुके थे. इसलिए कानूनी समय-सीमा खत्म होने से पहले NIA ने चार्जशीट दाखिल कर दी. अहम बात यह है भी कि चार्जशीट में यह दर्ज है कि UAPA के तहत जांच जारी है. कानून चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी आगे की जांच की इजाजत देता है और अगर अतिरिक्त सबूतों से और अपराध साबित होते हैं तो सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है. हाईन्यूज़ !














