उत्तराखंड में नैनीताल के कैंचींधाम के दर्शन को अब प्रशासन सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की सख्ती करने जा रहा है. दर्शन के लिए भक्तों को आवाजाही समेत मंदिर प्रसाद और प्रवेश समेत अन्य नियमों पर कठोर फैसला लिया गया. नैनीताल के जिला विकास प्राधिकरण सभागार में पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों और कैंचीधाम ट्रस्ट समेत जिम्मेदार विभागों के साथ एक बैठक आयोजित हुई.
बैठक में हल्द्वानी से भीमताल मार्ग में बॉटल नैक, क्रॉसिंग, बशासत और अन्य व्यस्त स्थानों में पुलिस कांस्टेबल की तैनाती, वीकएंड में हल्द्वानी और काठगोदाम से ऊपर टैक्सी बाइक प्रतिबंध करने का फैसला लिया गया है. आयुक्त ने कहा कि कैंचींधाम में बेतहाशा ओवररेटिंग की शिकायत आ रही है. वहां 150 रुपये का नींबू पानी, 50 रुपये की चाय, महंगा पानी आदि दिया जा रहा है.
टैक्सी-बाइक की ओवररेटिंग पर लगेगी रोक
पीडब्ल्यूडी बाईपास में सड़क डामरीकरण जल्द पूर्ण करने की कोशिश की जा रही है. शिप्रा नदी में नहाने वालों को रोका जाएगा. जिला पर्यटन अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम बनाकर ओवर रेटिंग पर रोक लगाई जाएगी और इसपर काबू किया जाएगा. आरटीओ ने कई टैक्सी बाइक सीज की हैं.
वीकएंड पर एसडीएम, एआरटीओ और पुलिस रास्ते में कैम्प करेगी. वनवे के विषय में मंदिर ट्रस्ट 15 दिनों में जवाब देगा, वरना प्रशासन एक तरफ से व्यवस्थाएं शुरू कर देगा. अधिकारी नियमों का निर्वहन नहीं करेंगे तो जिम्मेदारियां तय होंगी.
मंदिर डेढ़ घंटा जल्दी खोलने की व्यवस्था
एसएसपी ने कहा कि सेनेटोरियम, भावली पार्किंग और भीमताल विकास भवन में आरटीओ का कैंप लगेगा. यह लोगों कीआस्था का विषय है, हम किसी को मंदिर आने से मना नहीं कर सकते. कैंचींधाम में मंदिर को 6:30 की जगह 5 बजे सुबह खोलने की कोशिश की जाएगी. इसपर मंदिर की तरफ से कहा गया कि मंदिर प्रबंधन इसे बोर्ड बैठक में रखकर तय कराएगा. उन्होंने कहा कि मंदिर के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था टॉप क्लास है. सीजन के दौरान एक कंपनी पैरा मिलिट्री मिली थी.
आईजी ने कहा कि कैंचींधाम मंदिर में एक तरफ से एंट्री और दूसरी तरफ चौड़ा एग्जिट होना चाहिए. ये व्यवस्था छुट्टियों या जब पुलिस कहे तब लागू हो. मंदिर में आने वाले लोगों का हेडकाउंट चाहिए ताकि उस हिसाब से प्लान बनाया जा सके. अब हम तकनीक का इस्तेमाल कर डेटा बैंक बना रहे हैं, लेकिन अगर वहां कुछ हुआ तो हमारी नौकरी गई समझो.
शिप्रा नदी में स्नान प्रतिबंधित
मां नयना देवी व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि इन मार्गों में स्टिकर सिस्टम की व्यवस्था होनी चाहिए. निष्कर्ष निकालते हुए आयुक्त की तरफ से तय किया गया कि शटल से भक्तों को लाया जाएगा. शिप्रा नदी में नहाना प्रतिबंधित रहेगा, ओवररेटिंग को चैक किया जाएगा. मंदिर में प्रवेश और निकासी अलग अलग होगी. वीकेंड में व्यवस्था सुधारने के लिए एस.डी.एम., आर.टी.ओ., पुलिस और टैक्सी यूनियन कैम्प लगाकर व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी.
बैठक में कौन कौन रहा मौजूद
इस मीटिंग में आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईजी निवेदिता कुकरेती, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, एडीएम विवेक राय, सचिव डीडीएम नीष सिंह, एसडीएम नवाजिश खलिक, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या, ईओ रोहिताश शर्मा, लोक निर्माण विभाग एएक्सएन रत्नेश सक्सेना आदि शामिल हुए.
इनके साथ बैठक में होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन से दिग्विजय बिष्ट, वेद साह, मां नयना देवी व्यापार मंडल से पुनीत टंडन, तल्लीताल व्यापार मंडल से मारुति साह, मल्लिताल व्यापार मंडल से त्रिभुवन फरतीयाल रुचिर साह, जिला बार एसोसिएशन अधिवक्ता अरुण बिष्ट और संजय सुयाल समेत भवाली, भीमताल, हल्द्वानी से होटल एसोसिएशन और टैक्सी यूनियन के सदस्य मौजूद रहे. हाईन्यूज़ !














