फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर हमला करने वाले को-पायलट हिमामी अल हमामी उर्फ हिशाम को लेकर अब उसकी पुरानी गतिविधियों की भी जांच की चर्चा है. उसके अल-कायदा कनेक्शन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इसकी वजह 2023 का एक सोशल मीडिया वीडियो बताया जा रहा है, जिसमें दुबई एयरपोर्ट पर खड़े एक इजरायली विमान के वीडियो के अंत में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर दिखाई देने का दावा है. हालांकि, इस कनेक्शन की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
ओमान में पायलट से ग्राउंड स्टाफ बनाए जाने का दावा
सामने आई जानकारी के मुताबिक 29 वर्षीय हिमामी के पिता ओमानी मूल के हैं, जबकि मां सीरिया की हैं. दावा है कि वह वर्ष 2024 तक ओमान की एयरलाइन में पायलट के तौर पर काम करता था. इसी दौरान ओमानी खुफिया एजेंसी को उसके पास से तौर पर कट्टरपंथी सामग्री मिलने की बात कही जा रही है. इसके बाद उसे पायलट ड्यूटी से हटाकर ग्राउंड स्टाफ बनाया गया. यह भी दावा किया गया है कि वह सीरिया में रहकर लौट चुका था. हालांकि, इन दोनों दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.
रॉयल ओमान से फ्लाईदुबई तक का सफर
दावे के अनुसार हिमामी ने 2018 से फरवरी 2025 तक रॉयल ओमान एयरलाइंस में काम किया. कुछ समय तक रॉयल एयर मोरक्को से जुड़े रहने की भी जानकारी सामने आई है. इसके बाद वह दुबई चला गया और करीब नौ महीने पहले फ्लाईदुबई में पायलट के तौर पर शामिल हुआ. इसी वजह से अब उसके पुराने रिकॉर्ड और नई नियुक्ति के दौरान हुए सुरक्षा सत्यापन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, फ्लाईदुबई की ओर से उसके पुराने सुरक्षा रिकॉर्ड या बैकग्राउंड चेक को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
2023 के वीडियो में जवाहिरी की तस्वीर का दावा
सोशल मीडिया पर सामने आए 2023 के वीडियो को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है. दावा है कि इसमें दुबई एयरपोर्ट पर खड़े एक इजरायली विमान को दिखाया गया था और अंत में अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर जोड़ी गई थी. उस समय हिमामी के रॉयल ओमान में काम करने की बात कही जा रही है. वीडियो की प्रामाणिकता, अकाउंट की वास्तविक पहचान और इसे पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है. इसलिए इसे फिलहाल कट्टरपंथी कनेक्शन का एक जांच बिंदु ही माना जा रहा है.
हमले के नौ घंटे बाद पोस्ट होने का दावा
एक अन्य दावा है कि यह वीडियो फ्लाईदुबई की घटना के करीब नौ घंटे बाद सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ. इसी आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि वीडियो पहले से शेड्यूल किया गया हो. लेकिन अभी ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि पोस्ट पहले से तैयार थी या उसका फ्लाईदुबई की घटना से कोई सीधा संबंध था. हाईन्यूज़ !














