यमन के हूती विद्रोहियों ने मुसलमानों के पवित्र शहर मक्का पर अटैक करने को लेकर बड़ा बयान दिया है. हूती विद्रोहियों ने कहा है कि सऊदी अरब का आरोप गलत है. उनका कहना है कि मक्का पर ड्रोन अटैक नहीं किया है. मक्का पर अटैक की खबरों को लेकर कई मुस्लिम संगठनों ने बयान जारी किया है और इसकी कड़ी आलोचना की है. ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन ने इसे जघन्य अपराध करार दिया है.
‘एएफपी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘सऊदी का दावा झूठा है. मक्का पर किसी तरह का हमला नहीं किया है. सऊदी घिसापिटा आरोप लगा रहा है.’ वहीं ओआईसी ने कहा, ‘हम इस जघन्य हमले की कड़ी निंदा करते हैं. पवित्र शहर मक्का और मदीना के क्षेत्र में किया गया हमला नागरिकों को डराने के लिए किया गया. यह दुनियाभर के मुस्लिमों को आहत करने वाली हरकत है. पवित्र मस्जिद और सामान्य लोगों पर हमला करना इस्लामिक वैल्यूज के खिलाफ है. यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन भी है.’
मक्का पर हमले का दावा
सऊदी ने बुधवार को दावा किया कि हूती विद्रोहियों ने मक्का पर ड्रोन से अटैक की कोशिश की, लेकिन ड्रोन को पहले ही मार गिराया. सऊदी के इस बयान के बाद मुस्लिम संगठन भड़क गए हैं. उन्होंने इसको लेकर हूती विद्रोहियों की कड़ी आलोचना की है. यह पहली बार नहीं है जब मक्का पर हमले की कोशिश हुई है. हूती विद्रोहियों ने 2017 में भी अटैक की कोशिश की थी, लेकिन तब मक्का से काफी दूर मिसाइल हमला हुआ था.
सऊदी ने इजरायल से मांगी मदद
इस बीच एक और अहम खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि सऊदी ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ इजरायल से मदद मांगी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में मक्का पैक्ट के तहत अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं. इसके बाद सऊदी ने इजरायल का रुख किया. हालांकि इस मामले पर अभी तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हाईन्यूज़ !














