असम के ऊपरी जिलों में आई भीषण बाढ़ को अपने जीवन की सबसे बड़ी और दर्दनाक आपदा बताते हुए AIUDF के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिन्नाकांडी विधायक मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और केंद्र सरकार से राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की मांग की है. चराइदेव जिले के संतक, बिहुबार और अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद अजमल ने कहा कि उन्होंने जो हालात देखे हैं, वे बेहद दुखद और चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि अपने पूरे जीवन में उन्होंने इतनी भयानक बाढ़ कभी नहीं देखी.
बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है और हजारों मवेशियों की भी मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों का दर्द और परेशानी इतनी ज्यादा है कि उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि उनकी ओर से चलाए जा रहे राहत कार्यों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राहत सामग्री सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई जा रही है, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़े हों.
अजमल के टीम में कौन-कौन शामिल है?
अजमल ने कहा कि उनकी टीम हिंदू और मुस्लिम में कोई फर्क किए बिना सभी प्रभावित परिवारों की मदद कर रही है. राहत सामग्री के रूप में लोगों को चावल, दाल, चीनी, सरसों का तेल, पीने का पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है.उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत कार्यों के लिए उन्होंने अपने निजी कोष से 2 करोड़ रुपये की सहायता दी है. हालांकि उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह राशि बहुत कम है और जरूरत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है.
2 करोड़ रुपये लेकर आए अजमल
अजमल ने कहा कि वह अपने साथ 2 करोड़ रुपये लेकर आए हैं, लेकिन इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए 200 करोड़ रुपये भी कम पड़ सकते हैं. इसी वजह से उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तुरंत 10,000 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए ताकि प्रभावित लोगों को राहत मिल सके और पुनर्वास कार्य तेजी से किया जा सके. उन्होंने असम के लोगों से भी अपील की कि वे आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करें. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में योगदान दे सकता है और छोटी से छोटी सहायता भी उन परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है, जिन्होंने इस आपदा में अपना सब कुछ खो दिया है.
बदरुद्दीन अजमल की संस्था ने पत्रकारों की भी सहायता की
बदरुद्दीन अजमल ने यह भी बताया कि उनकी संस्था ने उन पत्रकारों की भी सहायता की है, जो स्वयं बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्यों और बाढ़ की स्थिति की जानकारी लगातार लोगों तक पहुंचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करनी चाहिए ताकि वे इस कठिन दौर से बाहर निकल सकें. हाईन्यूज़ !














