क्या फर्क रहा सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट-1 और सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट-2 में

loc 5

नई दिल्ली: भारतीय सेना को पाकिस्तान से तीन मोर्चों पर लोहा लेना पड़ता है- पाकिस्तानी सेना, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और पाकिस्तानी आतंकवादी. भारतीय सेना ने शायद अब ठान लिया है कि किसी भी सूरत में पाकिस्तानी मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. 2016 में भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की कमर तोड़ने के लिए कश्मीर के युवाओं के दिल में जगह बनाई. और अब बारी थी पाकिस्तान सेना की, तो इस बार सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट टू में भारतीय सेना ने सीधा अटैक किया पाकिस्तानी आर्मी पर और सीमा रेखा पार कर अपने जवानों की शहादत का बदला लिया.

दो साल में दो सर्जिकल स्ट्राइक यानि साफ तौर पर ये बताने की कोशिश कि अगर हमें बिना वजह छेड़ा गया तो हम छोड़ेंगे नहीं. लेकिन इन दोनों सर्जिकल स्ट्राइकों में क्या फर्क था? चलिए जानने की कोशिश करते हैं-

पिछली सर्जिकल स्ट्राइक में भारतीय सेना ने आतंकी कैंप्स को निशाना बनाया था. यहीं पर आतंकी प्रशिक्षण लेते थे और भारतीय सीमा में दाखिल होकर आतंकी मंसूबों को अंजाम देते थे. इस ऑपरेशन में 38 आतंकवादी और दो जवान मारे गए थे. इस बार भारतीय सेना ने सीधे पाकिस्तानी सेना को ही निशाना बनाया. पाकिस्तान की बलूच रेजिमेंट के तीन सिपाही इस ऑपरेशन में मारे गए.

पिछली बार पाकिस्तान ने साफ तौर पर मना किया था कि भारतीय सेना ने उसकी जमीन पर किसी ऑपरेशन को अंजाम नहीं दिया. लेकिन इस बार पाकिस्तान ने भी मान लिया है कि भारतीय सेना ना केवल उसके इलाके में घुसी बल्कि उसके तीन जवानों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया.

पिछली बार भारत ने उरी में पाकिस्तान द्वारा किए गए कायराना हमले का बदला लिया था. उरी हमले में भारत के 19 जवान शहीद हुए थे. इस बार भी पाकिस्तानी गोलाबारी मे भारत के 4 जवान शहीद हुए थे. भारत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से इस हमले का बदला लिया और ये संदेश दिया कि अब गोली का जवाब गोली से ही मिलेगा.

28/29 सितंबर 2016 में भारत ने पहली सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था और अब करीब 15 महीने के बाद भारत ने फिर ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है. इस बार कुछ ही सैनिकों ने पार्ट टू को अंजाम दे दिया है जबकि पिछली बार सेना ने अधिक सैनिकों को भेजा था.

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *