रेप के आरोपियों को देख लोगों का गुस्सा फूटा, बच्ची से ज्यादती के आरोपियों को पुलिस की मौजूदगी में पीटा

भोपाल .शहर में लगातार सामने आ रही सामूहिक ज्यादती की घटनाओं से लोगों में काफी गुस्सा है। पांचवीं की छात्रा से सामूहिक ज्यादती करने वाले तीनों आरोपियों को लेकर जहांगीराबाद पुलिस शुक्रवार सुबह जब उनके घर की तलाशी लेने महफूज बिल्डिंग पहुंची तो लोगों का यह गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब पौने 12 बजे 10 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में लोगों ने आरोपियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों को फांसी देने की मांग करते हुए लोग अपने वाहन रोककर उनके साथ हाथापाई करते नजर आए। टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर और उनके स्टाफ ने काफी जद्दोजहद के बाद आरोपियों को उस गली से बाहर निकाला।
गुरुवार दोपहर जहांगीराबाद पुलिस ने 67 वर्षीय नन्नू लाल भिलाला, ज्ञानेंद्र पंडित और गोकुल चौरसिया के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में बच्ची को अपने घर बुलवाने वाली सुमन पांडे को भी आरोपी बनाया है।

रात में ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। टीआई के मुताबिक शुक्रवार सुबह पुलिस आरोपियों को लेकर उनके घर की तलाशी लेने पहुंची थी। पुलिस को शक था कि उनके घर में अश्लील साहित्य या वारदात से जुड़े कुछ साक्ष्य हो सकते हैं। लेकिन पुलिस को वहां ऐसा कुछ नहीं मिला।

घटना के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण करवाने के बाद अदालत लेकर गए, लेकिन देरी होने के कारण पेश नहीं किया जा सका। इससे पहले पुलिस ने नगर निगम की मदद से आरोपी गोकुल की पान गुमठी को हटवाया। अतिक्रमण के दायरे में आ रही अन्य गुमठियों को भी हटाया।

महिला सिपाही को दिया विशाखा गाइडलाइन का हवाला
पुलिस मुख्यालय की क्यूडी (विवादित दस्तावेज) ब्रांच में पदस्थ एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पर आरोप लगाने वाली महिला सिपाही को जहांगीराबाद थाने से लौटा दिया गया। टीआई का कहना है कि सिपाही की शिकायत पर पुलिस मुख्यालय स्तर पर कार्यस्थल प्रताड़ना की जांच जारी है।

विशाखा गाइडलाइन के बारे में सिपाही को समझाते हुए कहा गया कि विभाग स्तर पर चल रही जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर केस दर्ज किया जाएगा। हालांकि, सिपाही ने शुक्रवार को केवल मौखिक शिकायत की थी। उसने लिखित शिकायत लेकर शनिवार को आने की बात कही है।

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