ओपिनियन पोल: किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं, कांग्रेस नंबर वन, बीजेपी नंबर टू, देवेगौड़ा हो सकते हैं किंगमेकर

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव यानि कांग्रेस के लिए वजूद बचाने की चुनौती और बीजेपी के लिए दक्षिण का द्वार खोलने का एक बड़ा मौका. दोनों ही दल एक दूसरे को चुनावी मैदान में पिछले कई महीनों से कड़ी टक्कर दे रहे हैं. वहीं अब तक राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) को उम्मीद है कि सरकार उसी की बनेगी और कुमारस्वामी एक बार फिर गद्दी पर बैठेंगे. तमाम दलों के दावों के बीच लोकनीति-सीएसडीएस और एबीपी न्यूज ने बड़ा और फाइनल सर्वे किया है, जिसमें न तो कांग्रेस और न ही बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलता दिख रहा है. कर्नाटक विधानसभा में 224 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए 113 सीटों की जरूरत है.

कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
लोकनीति-सीएसडीएस और एबीपी न्यूज के सर्वे में कांग्रेस को 97 सीटें, विपक्षी दल बीजेपी को 84 और जेडीएस को 37 सीटें मिलती दिख रही है. चार सीटें अन्य को मिल सकती है. यानि पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के सर्वेसर्वा एचडी देवगौड़ा किंगमेकर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. हालांकि वह चुनाव बाद किसी भी दल से गठबंधन से अब तक इनकार करते आये हैं.

38 प्रतिशत जनता कांग्रेस के साथ, बीजेपी पिछड़ी
राज्य की 38 प्रतिशत जनता कांग्रेस के साथ दिख रही है. वहीं सर्वे में 33 प्रतिशत लोग बीजेपी के साथ और 22 प्रतिशत जनता जेडीएस गठबंधन के साथ है. यानि की बीजेपी और कांग्रेस के बीच वोट शेयर में पांच प्रतिशत का अंतर है.

मोदी के कामकाज से जनता कितना खुश?
केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के कामकाज से जनता खुश दिख रही है. 68 प्रतिशत लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छा काम कर रहे हैं. 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मोदी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. 45 प्रतिशत लोगों ने अच्छा और 16 प्रतिशत लोगों ने खराब बताया. वहीं 12 प्रतिशत ने कहा कि मोदी का काम बहुत खराब है.

कर्नाटक में कांग्रेस से खुश जनता
राज्य में विकास के मामले में लोगों कांग्रेस को बेहतर बताया है. 38 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सिद्धारमैया की सरकार विकास में बेहतर है. वहीं 32 प्रतिशत लोगों ने बीजेपी को और 24 प्रतिशत लोगों ने जेडीएस के विकास एजेंडे पर सहमति जताई.

सिद्धारमैया के कामकाज पर 29 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं जबकि 43 प्रतिशत लोगों ने अच्छा कहा. यानि 72 प्रतिशत लोग सिद्धारमैया के कामकाज से खुश हैं. कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सिद्धारमैया के कामकाज को 15 प्रतिशत लोगों ने खराब और 10 प्रतिशत लोगों ने बहुत खराब बताया.

बीजेपी सबसे भ्रष्ट, कांग्रेस दूसरे नंबर पर 44 प्रतिशत लोगों ने कहा कि बीजेपी सबसे भ्रष्ट पार्टी है.

वहीं कांग्रेस को 41 और जेडीएस को 4 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्ट बताया. आपको बता दें कि माइनिंग माफिया जनार्दन रेड्डी को लेकर कांग्रेस और खुद पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी पर सवाल उठा रहे हैं. वहीं बीजेपी कांग्रेस को भ्रष्टाचार के मसले पर कठघरे में खड़ी कर रही है.

लिंगायत किसके साथ?
अलग धर्म का दर्जा दिये जाने के फैसलों के बावजूद लिंगायत समुदाय कांग्रेस के साथ नहीं दिख रही है. 61 प्रतिशत लिंगायत वोटर बीजेपी के साथ दिख रही है. वहीं मात्र 18 प्रतिशत ने कहा कि वह सत्तारूढ़ कांग्रेस के साथ है. वहीं जेडीएस गठबंधन पर 11 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया.

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