‘लाभ का पद’ मामले में HC से AAP को लगा झटका, कहा- कोई राहत नहीं दे सकते

नई दिल्लीलाभ के पद मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के 20 विधायकों की सदस्यता जा सकती है. सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने अपनी सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेज दी है. इन सभी विधायकों पर संसदीय सचिव के तौर पर लाभ का पद लेने का आरोप है.

इसी बीच आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी भी विधायक को वेतन, गाड़ी और बंगला नहीं दिया गया था फिर ‘लाभ का पद’ कैसे?

यहां पढ़ें दिन भर का अपडेट

 

 

    • लाभ के पद मामले पर विवाद के बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है. केजरीवाल ने लिखा, ”जब आप सच्चाई और ईमानदारी पर चलते हैं तो बहुत बाधाएँ आती हैं. ऐसा होना स्वाभाविक है. पर ब्रह्मांड की सारी दृश्य और अदृश्य शक्तियां आपकी मदद करती हैं. ईश्वर आपका साथ देता है. क्योंकि आप अपने लिए नहीं, देश और समाज के लिए काम करते हैं. इतिहास गवाह है कि अंत में जीत सचाई की होती है.”

 

    • आम आदमी पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आम आदमी पार्टी से कहा कि हम आपको फौरी राहत नहीं दे सकते. इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी. लेकिन चुनाव आयोग ने जो सिफारिश भेजी है उस फैसला लेने के लिए राष्ट्रपति स्वतंत्र हैं. सोमवार को कानूनी प्रक्रिया के हिसाब से कार्रवाई होगी जिसमें चुनाव आयोग जवाब दाखिल करेगा.

 

    • दिल्ली हाईकोर्ट से आम आदमी पार्टी को राहत की उम्मीद अब कम ही लग रही है. कोर्ट अभी तक की सुनवाई के बाद कहा कि इतना सुनने के बाद भी हमें नहीं लग रहा कि कोई राहत दी जा सकती है.

 

    • आम आदमी पार्टी के वकील ने कहा कि चुनाव आयोग बार बार कह रहा है कि लिखित में जवाब दो. लिखित में क्यों मौखिक क्यों नहीं?

 

    • कोर्ट बार बार आम आदमी पार्टी के वकीलों के पूछ रहा है कि दो नवंबर को चुनाव आयोग ने नोटिस दिया था. तब आपने कोई जवाब दिया?

 

    • दस मिनट के ब्रेक के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू. चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि समय हो गया है अभी आयोग के दफ्तर में कोई नहीं है. इसलिए जानकारी नहीं मिल पाई.

 

    • हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा. कोर्ट ने पूछा क्या राष्ट्रपति को कोई सलाह दी गई है? दस मिनट बाद फिर होगी सुनवाई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अभी तक के तथ्यों को देखकर नहीं लगता कि आपको कोई राहत देनी चाहिए.

 

    • फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि आप अपनी मर्ज़ी से तय कर लेते हैं कि आपको चुनाव आयोग के सामने नहीं जाना. जब आप चुनाव आयोग के बार बार बुलाने के बाद भी नहीं जा रहे तो वो क्या करेंगे ? चुनाव आयोग आपको बार बार बोलता रहा कि अपना जवाब दें.

 

    • हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी को फटकार लगाई है. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी से कहा कि आपने कोर्ट में कोई स्टे नहीं दिया फिर भी आपने चुनाव आयोग से कहा कि हाईकोर्ट ने रोक लगाई है. क्या ये सही है? क्या हाई कोर्ट ने रोक लगाई थी ? हाईकोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई थी.

 

    • सुनवाई के दौरान अभी आम आदमी पार्टी के वकील दलीलें रख रहे हैं. आप के वकील ने कहा हमने चुनाव आयोग को जवाब दिया और अपने जवाब में बताया कि हमारी बात पूरी तरह से नहीं सुनी जा रही. आयोग को इस बात कि पड़ताल करनी चाहिए कि आरोप कितने सही हैं. इसके बाद हमने दिल्ली हाइकोर्ट में भी याचिका लगाई थी. चुनाव आयोग को बताया कि जब तक हाईकोर्ट फैसला नहीं करता तब तक सुनवाई न हो.

 

    • दिल्ली में 20 सीटों पर होने वाले संभावित चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में बड़ी बैठक शुरू. बैठक में तमाम बड़े नेता मौजूद. सोमवार को होने वाले बड़े प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने 20 में से 13 सीट जीतने का दावा किया.

 

    • आम आदमी पार्टी के 6-7 विधायक हाईकोर्ट पहुंचे. इनमें वो तीन विधायक भी शामिल जो थोड़ी देर पहले चुनाव आयोग गए थे.

 

    • सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग की सिफारिश की फाइल अभी राष्ट्रपति भवन पहुंची नहीं है.

 

    • समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से खबर, लाभ के पद मामले में आम आदमी पार्टी की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज ही सुनवाई होगी. चीफ जस्टिस गीता मित्तल की बेंच में होगी सुनवाई.

 

    • 20 संभावित सीटों पर चुनाव को लेकर दिल्ली कांग्रेस शाम पांच बजे बैठक करेगी

 

    • संसदीय सचिव मामले पर बीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी पर हमला बोला. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ”भारत की राजधानी की सरकार आज पंगु हो गई है. जिस सरकार ने अन्ना आंदोलन ने सफर शुरू किया वो आज सबसे भ्रष्ट सरकार है. विधायकों के मामले में चोर की दाढ़ी में तिनका वाला मामला है.”

 

    • चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे आम आदमी पार्टी के तीन विधायक वापस लौटे. विधायक राजेश गुप्ता ने कहा, ”हमने चिट्ठी की कॉपी मांगी थी वो चुनाव आयोग से हमें नहीं मिली. मामला हाईकोर्ट में है.” बता दें कि राजेश गुप्ता पर भी लाभ का पद लेने का आरोप है.

 

    • लाभ का पद मामले में चुनाव आयोग की सिफारिश को आम आदमी पार्टी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. पार्टी ने कोर्ट में दलील दी कि हमें पक्ष रखने का मौका नहीं मिला, पूरी सुनवाई के बिना ही सिफारिश की गई.

 

    • आप नेता आशुतोष ने ट्वीट किया, ”इलेक्शन कमीशन को प्रधानमंत्री का लेटर बॉक्स नहीं होना चाहिए. लेकिन यही आज की सच्चाई है. मेरे जैसे लोग जिन्होंने रिपोर्टर के तौर पर सेषन के दिनों में चुनाव आयोग कवर किया, आज मैं कह सकता हूं कि ईसी ने इससे निचला स्तर कभी नहीं छुआ. दुख.”

 

    • आप विधायक अलका लांबा ने कांग्रेस और बीजेपी पर मिलीभगत आरोप लगाया. अलका लांबा ने ट्वीट किया, ”जनता द्वारा चुन कर आना तो लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. हमें चुनाव से नहीं बल्कि लोकतंत्र की हत्या से डर लगता है. आज कांग्रेस(0)/BJP(4) दोनों एक साथ दिख रहे हैं. 3 साल में नहीं तोड़ पाये तो अब क्या तोड़ेंगे? आज भी उतने हैं जितने कल थे और कल भी इतने ही होंगें। सरकार आप की ही रहेगी.” बता दें कि जिन बीस विधायकों पर लाभ के पद का आरोप हैं उनमें अलका लांबा का नाम भी शामिल है.

 

    • सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा, ”23 जनवरी को मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोती जी 65 साल के हो जाएंगे. वो सोमवार को रिटायर होने वाले हैं. तीन लोगों ने सुनवाई की थी. सिर्फ इसमें जोती जी फैसला देना चाह रहे हैं, जबरदस्ती थोपना चाह रहे हैं. वो मोदी जी को अपना कर्च चुकाना चाहते हैं.”
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    • आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- किसी भी संसदीय सचिव को न बंगला दिया गया है, ना ही गाड़ी. क्या किसी ने देखा है कि इन विधायकों के पास सरकारी गाड़ी हो या अकाउंट हो, जिससे ये जानकारी हो कि इन्हें तन्ख्वाह मिली है.

 

    • कांग्रेस के अजय माकन ने इस मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है और केजरीवाल से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा है. अजय माकन ने कहा कि केजरीवाल का आधा मंत्रिमंडल भ्रष्टाचार के आरोप  में बाहर हुआ, 20 विधायकों पर लाभ के पद के आरोप ऐसे में केजरीवाल को CM पद पर रहने का नैतिक हक नहीं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस सोमवार को सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करेगी.

 

    • बता दें कि चुनाव आयोग ने इस मामले को ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ का मामला माना है. इसका मतलब है कि ये सभी 20 विधायकों की सदस्यता रद्द हो  सकती है.

 

    • चुनाव आयोग की तरफ से ऑर्डर टाइप हो गया है और राष्ट्रपति को चिट्ठी को भेज दी गई है.

 

    • आम आदमी पार्टी ने कहा- अगर मीडिया रिपोर्ट्स सही हैं तो ये आश्चर्य में डालने वाला फैसला है. पार्टी फैसले को चुनौती देगी.

 

    • एबीपी न्यूज़ के सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी के इन 20 विधायकों की सदस्यता जा सकती है.

 

    • सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग में इस मामले पर फैसला लिखा जा रहा है.

 

 

अब 20 विधायकों की सदस्यता पर ही आएगा फैसला

 

कानून के मुताबिक, दिल्ली में कोई भी विधायक रहते हुए लाभ का पद नहीं ले सकता है. आरोप है कि इसके बाद भी केजरीवाल की पार्टी के 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाकर उन्हें लाभ का पद दिया. हालांकि अब इन विधायकों की संख्या 20 रह गई है, क्योंकि इनमें से जरनैल सिंह ने पंजाब विधानसभा में चुनाव लड़ने के लिए दिल्ली विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था.

 

अगर रद्द हुई विधायकों की सदस्यता तो क्या होगा?

 

बड़ा सवाल है कि अगर आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी गई तो क्या होगा? दरअसल दिल्ली में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 36 होना चाहिए. लेकिन वर्तमान में आम आदमी पार्टी के 66 विधायक हैं. ऐसे में अगर 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी गई तो भी दिल्ली सरकार के पास बहुमत के आंकड़े से 10 सीट ज्यादा होंगी. हालांकि इन 20 सीटों पर चुनाव आयोग दोबारा चुनाव कराएगा.

 

आम आदमी पार्टी ने दी थी ये सफाई

 

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी का कहना था कि देश के कई राज्यों में संसदीय सचिव के पदों पर मुख्यमंत्री विधायकों की नियुक्ति करते हैं फिर उन्हें क्यों रोका जा रहा है? दरअसल केजरीवाल जिन राज्यों की बात कर रहे थे, वहां की सरकारों ने पहले कानून बनाया, उसके बाद वहां संसदीय सचिवों की नियुक्ति की गई. जबकि दिल्ली में ऐसा नहीं हुआ.

 

केजरीवाल ने की थी कानून बदलने की कोशिश

 

इतना ही नहीं केजरीवाल सरकार ने अपने विधायकों को बचाने के लिए इन पदों को लाभ के पद से बाहर रखने के लिए कानून भी बनाने की कोशिश की. लेकिन राष्ट्रपति ने उसे मंजूरी नहीं दी. उस वक्त दिल्ली हाई कोर्ट में केन्द्र औऱ दिल्ली सरकार के अधिकारों पर चल रही सुनवाई में केन्द्र ने साफ किया था कि दिल्ली में इतने संसदीय सचिव नहीं रखे जा सकते. इसका कोई प्रावधान नहीं है. जिसके बाद 8 सितंबर 2016 को दिल्ली हाइकोर्ट ने 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी थी.

 

बाद में आम आदमी पार्टी ने हाईकोर्ट के इस फैसले को आधार बनाकर चुनाव आयोग से विधायकों के केस खत्म करने की अपील की थी, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया था.

 

नियम क्या कहते हैं ?

 

गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ देल्ही एक्ट, 1991 के तहत दिल्ली में सिर्फ एक संसदीय सचिव का पद हो सकता है. यह संसदीय सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा होगा, लेकिन केजरीवाल ने सीधे 21 विधायकों को ये पद दे दिया.

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