अगर पाकिस्तान बाज नहीं आया तो हम एक लेवल आगे जाकर सबक सिखाएंगे: आर्मी चीफ

नई दिल्ली: थलसेना प्रमुख बिपिन रावत ने आज एक बार फिर तल्ख शब्दों मे कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं बाज आया तो भारतीय सेना पाकिस्तान के खिलाफ चल रही कार्रवाई को अगले स्तर पर ले जाकर एक कड़ा सबक सिखाएगी. जनरल बिपिन रावत आज थलसेना दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में सैनिकों को संबोधित कर रहे थे. आज भारतीय सेना अपना 70वां स्थापना दिवस मना रही है.

थलसेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान भारत को मजबूर कर रहा है कि उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए. जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तानी सेना लगातार युद्ध विराम का उल्लंघन कर रही है और आतंकियों को घुसपैठ में मदद कर रही है. इसीलिए भारतीय सेना को अपनी जवाबी कारवाई को एक अगले स्तर पर ले जाना होगा.

जिस वक्त थलसेना प्रमुख राजधानी दिल्ली के करिय्यपा ग्राउंड में सैनिकों को संबोधित कर रहे थे उसी वक्त भारतीय सेना उरी सेक्टर में पाकिस्तान से आए घुसपैठियों को मार रही थी. जानकारी के मुताबिक, उरी सेक्टर में जैश ए मोहम्मद के 06 आतंकियों को मार गिराया गया. ये ऑपरेशन बीती रात से चल रहा था. पांच आतंकियों की डेडबॉडी मिल गई हैं जबकि एक की एलओसी पर ही पड़ी थी.

इसके अलावा उसी दौरान भारतीय सेना ने पूंछ सेक्टर में पाकिस्तान के 04 सैनिकों को भी मार गिराया. इसे बदले की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है. शनिवार को सुंदरबनी सेक्टर में पाकिस्तान ने भारत के एक सैनिक को स्नाइपर फायरिंग में मार गिराया था. उसी के लिए भारतीय सेना ने ये कारवाई की. खुद पाकिस्तानी सरकार ने ट्वीट कर ये कहा है कि उसके चार सैनिक जंडरोत-कोटली सेक्टर में मारे गए हैं.

थलेसना प्रमुख ने चीन को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उत्तरी सीमा पर भी वास्तिवक नियंत्रण रेखा का उल्लंघर हो रहा है जिसे हमें रोकना है. जनरल बिपिन रावत ने कहा कि दुश्मन सोशल मीडिया को हमारे खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है हमें उसे भी रोकना है.

15 जनवरी 1949 को पहली बार किसी भारतीय कमांडर को भारतीय सेना की कमान सौंपी गई थी. वे कमांडर इन चीफ थे जनरल करिय्यपा (जो बाद में फील्ड मार्शल बने). इसी लिए हर साल 15 जनवरी को थलसेना दिवस मनाया जाता है.

आज थलसेना प्रमुख ने करिय्यपा ग्राउंड में सेना की टुकड़ियों के परेड की सलामी ली. इस परेड में सेना की तोप, टैंक, रॉकेट लांचर और मिसाइलों ने भी हिस्सा लिया.

सेना प्रमुख ने वीर सैनिकों और शहीदों को सेना मेडल से नवाजा. उसके बाद सेना के पैरा-कमांडोज़ ने हेली-बोर्न ऑपरेशन के जरिए दुश्मन की सीमा मैं घुसकर उसकी पोस्ट्स को तबाह किया और बंकरो को तबाह कर दिया. ये सब सेना की कॉम्बेट-पावर का डेमोंट्रेशन था.

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